छोटी काशी जयपुर में 25 अक्टूबर को मनेगा शरद पूर्णिमा उत्सव

 


जयपुर, 21 अक्टूबर (हि.स.)। 'छोटी काशी' के नाम से प्रसिद्ध जयपुर शहर के प्रमुख आराध्य मंदिरों में 25 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा का पावन पर्व अपार श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर शहर के प्रमुख देवालयों में ठाकुरजी का विशेष धवल श्रृंगार किया जाएगा, वहीं भक्तजन अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए ठाकुर जी के चरणों में चांदी की मुरली अर्पित करेंगे।

ज्योतिषाचार्य पं. पुरुषोत्तम गौड़ के अनुसार पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शरद पूर्णिमा की धवल चांदनी में भगवान श्रीकृष्ण ने यमुना तट पर स्थित वंशीवट में गोपियों के साथ अलौकिक महारास रचाया था। उस समय उनकी बांसुरी की मधुर तान से पूरा ब्रजमंडल भक्ति रस में सराबोर हो उठा था।

इसी दिव्य लीला की पावन स्मृति में शरद पूर्णिमा के दिन मंदिरों में ठाकुरजी का विशेष रूप से श्रृंगार किया जाता है। कई प्रमुख मंदिरों में ठाकुरजी श्वेत वस्त्र धारण कर मुरली वादन की मुद्रा में भक्तों को दर्शन प्रदान करेंगे। मान्यता है कि इस दिन ठाकुरजी को चांदी की मुरली भेंट करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है।

शरद पूर्णिमा के अवसर पर जयपुर के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के साथ-साथ ठाकुरजी को स्वर्ण-रजत आभूषणों, हीरे-मोतियों तथा दिव्य पोशाक से अलंकृत किया जाएगा। सायंकाल में विशेष रूप से तैयार की गई खीर को चंद्रमा की चांदनी में रखा जाएगा। धर्म शास्त्रों के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणें अमृतमयी होती हैं। ऐसे में चंद्रमा की दूधिया रोशनी में ठाकुर जी के दर्शन और प्रसाद ग्रहण करने का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है।

शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर शहर के प्रमुख मंदिरों में भव्य झांकी, महाआरती और विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जिसमें ठाकुर श्री राधा गोविंद देवजी मंदिर,श्री राधा दामोदर जी मंदिर, श्री मदन गोपाल जी मंदिर, श्री सरस निकुंज, श्री लाड़ली जी मंदिर, श्री मदन मोहन जी मंदिर शामिल है। इन सभी मंदिरों में शरद पूर्णिमा पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश