तीन करोड़ की खेल अकादमी में घटिया निर्माण का खुलासा
भीलवाड़ा, 20 अप्रैल (हि.स.)। भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा क्षेत्र में माताजी का खेड़ा रोड पर निर्माणाधीन करीब तीन करोड़ रुपये की लागत वाली खेल अकादमी इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। जिस परियोजना को क्षेत्र के युवाओं के खेल कौशल को निखारने और भविष्य संवारने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है, वहीं अब यह अकादमी घटिया निर्माण और संभावित भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण चर्चा का विषय बन गई है।
लंबे समय से स्थानीय स्तर पर यह शिकायतें सामने आ रही थीं कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। हालांकि जिम्मेदार विभागों और कार्यकारी एजेंसी द्वारा इन शिकायतों को नजरअंदाज किया जाता रहा। लेकिन हालात उस समय बदल गए जब क्षेत्रीय विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने अचानक मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
विधायक के औचक निरीक्षण में निर्माण कार्य की वास्तविकता खुलकर सामने आ गई। मौके पर घटिया सीमेंट, कमजोर निर्माण सामग्री और मानकों की अनदेखी स्पष्ट रूप से दिखाई दी। यह स्थिति उस परियोजना के लिए बेहद चिंताजनक मानी जा रही है, जहां भविष्य में क्षेत्र के खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
निरीक्षण के दौरान विधायक डॉ. बैरवा ने सख्त नाराजगी जताते हुए मौके पर ही निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया। उन्होंने कार्यकारी एजेंसी ‘रूडसिको’ के अधिकारियों से फोन पर बातचीत कर उन्हें जमकर फटकार लगाई। विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने इस पूरे मामले की जानकारी भीलवाड़ा जिला कलेक्टर को देते हुए राजस्थान खेल परिषद को तत्काल हस्तक्षेप कर कार्रवाई करने के निर्देश दिलवाए। विधायक ने यह भी कहा कि यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता पाया गया, तो संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब लंबे समय से निर्माण कार्य में अनियमितताएं हो रही थीं, तब संबंधित विभाग और निगरानी एजेंसियां क्या कर रही थीं? क्या यह महज लापरवाही का मामला है या फिर इसमें किसी प्रकार की मिलीभगत भी शामिल है?
स्थानीय लोगों में इस मामले को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष और पारदर्शी जांच नहीं करवाई गई, तो यह महत्वपूर्ण परियोजना भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ सकती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों की पहचान कर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए और दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार एवं अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि भविष्य में क्षेत्र में होने वाले सभी निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार ही किए जाएं, अन्यथा सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मूलचंद