वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना: 50 हजार बुजुर्ग एसी ट्रेन और 6 हजार विमान से करेंगे तीर्थ यात्रा

 




जयपुर, 26 मई (हि.स.)। राजस्थान सरकार की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत इस वर्ष प्रदेश के हजारों बुजुर्गों को नि:शुल्क धार्मिक यात्रा का लाभ मिलेगा। योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 27 मई से शुरू होकर 10 जून तक चलेगी। राज्य सरकार ने इस बार 50 हजार वरिष्ठ नागरिकों को एसी ट्रेनों से तथा 6 हजार बुजुर्गों को हवाई जहाज से तीर्थ यात्रा कराने का लक्ष्य तय किया है।

पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि देवस्थान विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार इच्छुक वरिष्ठ नागरिक निर्धारित अवधि में ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। चयनित यात्रियों को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा का अवसर उपलब्ध कराना है।

इस बार यात्रियों के लिए विशेष वातानुकूलित ट्रेनों की व्यवस्था की गई है। यात्रा के दौरान भोजन, चिकित्सा, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का दावा है कि वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव देने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जाएंगे।

योजना की विशेषता यह भी रहेगी कि ट्रेनों के कोच राजस्थान की 20 से अधिक धार्मिक धरोहरों की थीम पर सजाए जाएंगे। इनमें प्रदेश के प्रमुख मंदिरों, लोक संस्कृति और धार्मिक स्थलों की झलक दिखाई जाएगी, जिससे यात्रियों को राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

सरकार इस बार 6 हजार बुजुर्गों को हवाई जहाज से भी तीर्थ यात्रा कराएगी। इससे उन वरिष्ठ नागरिकों को राहत मिलेगी, जो लंबी ट्रेन यात्रा करने में असमर्थ हैं। योजना को लेकर बुजुर्गों में खासा उत्साह देखा जा रहा है और बड़ी संख्या में आवेदन आने की संभावना जताई जा रही है।

देवस्थान विभाग के अनुसार यात्रा के दौरान वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए चिकित्सा दल, सुरक्षा कर्मी और सहायक स्टाफ की विशेष व्यवस्था रहेगी। यात्रियों को भोजन, ठहरने और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जरूरत पड़ने पर प्राथमिक उपचार और आपातकालीन चिकित्सा सुविधा भी दी जाएगी। विभाग का कहना है कि यात्रा प्रबंधन को पहले से मजबूत किया जा रहा है ताकि बुजुर्गों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश