सेमिनार में दी नए आयकर कानून में बदलाव की जानकारी

 


जोधपुर, 29 मई (हि.स.)। आयकर विभाग की ओर से आज नए आयकर कानून 2025 के नियमों को समझाने के लिए आज पावटा सी रोड पर स्थित आयकर भवन में सेमिनार का आयोजन किया गया।

संयुक्त आयकर आयुक्त (रेंज-1) कंचन राम मीना ने बताया कि इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य टैक्स देने वाले कारोबारियों, उद्यमियों, प्रोफेशनल्स और आम जनता को नए इनकम टैक्स कानून में हुए बदलावों व उसकी बारीकियों के बारे में जानकारी देना था। सेमिनार में आयकर विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। उन्होंने आगंतुकों की शंकाओं का समाधान भी किया।

सेमिनार में मुख्य रूप से नए कानून के तहत किए गए बड़े बदलावों पर चर्चा की गई। नए नियमों में असेसमेंट ईयर (निर्धारण वर्ष) और प्रीवियस ईयर (पिछले वर्ष) जैसे उलझाने वाले शब्दों को हमेशा के लिए हटा दिया गया है। अब इनकी जगह सिर्फ टैक्स ईयर (कर वर्ष) का सीधा नियम काम करेगा। अधिकारियों ने बताया कि इस नए कानून से टैक्सपेयर्स पर पैसों का कोई अतिरिक्त बोझ नहीं बढ़ेगा और न ही कोई नया टैक्स लगाया गया है। इसका पूरा फोकस सिर्फ टैक्स की भाषा को आसान बनाने, अर्थ को लेकर होने वाले विवादों को खत्म करने और लोगों को खुद आगे बढक़र ईमानदारी से टैक्स चुकाने के लिए प्रेरित करना है।

सरकार का मुख्य उद्देश्य टैक्स सिस्टम को सरल, साफ-सुथरा और आम लोगों के लिए आसान बनाना है। नए कानून में पुरानी व्यवस्था के 819 सेक्शंस (धाराओं) को कम करके अब सिर्फ 536 कर दिया गया है। इसके साथ ही, कानूनी उलझनों को पूरी तरह खत्म करने के लिए नियमों की व्याख्या और अलग-अलग शर्तों को कानून की मुख्य कॉपी में ही शामिल कर दिया गया है, ताकि किसी को इसे समझने में कोई दिक्कत न हो।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश