जेडीए कार्रवाई के विरोध की आशंका पर जयपुर में धारा 163 लागू
जयपुर, 07 जून (हि.स.)। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) द्वारा शहर में चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जयपुर पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। विभिन्न संगठनों की ओर से संभावित विरोध-प्रदर्शन तथा सोशल मीडिया के माध्यम से सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की आशंका को देखते हुए जयपुर पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
यह आदेश कार्यपालक मजिस्ट्रेट एवं अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव पचार द्वारा जारी किया गया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। आदेश के अनुसार जयपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की रैली, जुलूस, धरना, प्रदर्शन अथवा सभा आयोजित नहीं की जा सकेगी। प्रशासन का मानना है कि ऐसे आयोजनों से यातायात व्यवस्था बाधित होने और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
निषेधाज्ञा के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धारदार या घातक हथियार, लाठी, डंडा, बरछी, गंडासा तथा आग्नेयास्त्र लेकर चलने पर भी रोक लगाई गई है। हालांकि यह प्रतिबंध ड्यूटी पर तैनात पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षाबलों पर लागू नहीं होगा। पुलिस प्रशासन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप सहित अन्य डिजिटल माध्यमों पर भड़काऊ, भ्रामक अथवा सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित करने वाली सामग्री के प्रसारण पर भी प्रतिबंध लगाया है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव पचार के अनुसार आदेश में सिख समुदाय को धार्मिक परंपरा के तहत कृपाण रखने तथा वृद्धजनों एवं दिव्यांगों को सहारे के लिए लाठी उपयोग करने की छूट दी गई है। वहीं पूर्व निर्धारित विवाह समारोह, बारात, धार्मिक आयोजन, मेले तथा अंतिम संस्कार जैसी गतिविधियों को प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ. राजीव पचार ने चेतावनी दी है कि आदेश की अवहेलना करने वाले व्यक्ति अथवा संगठन के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश