राजस्थान में पंचायत चुनाव का दूसरा चरण कल, 22 जिलों में सियासी घमासान
जयपुर, 27 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के दूसरे चरण में बुधवार को सियासत का बड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। प्रदेश के 22 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान होगा। इस चरण में 22 जिला परिषदों के 532 वार्डों और 124 पंचायत समितियों के 2,197 वार्डों में मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे।
चुनावी मुकाबले के बीच कई दिग्गज नेताओं और उनके परिवारों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। मतदान के नतीजे न केवल स्थानीय राजनीति की दिशा तय करेंगे, बल्कि राजनीतिक दलों के ग्रामीण जनाधार का भी संकेत देंगे।
दूसरे चरण के चुनाव में नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा के परिवार के सदस्यों के राजनीतिक भविष्य पर भी नजर रहेगी। चुनावी मैदान में उनकी पत्नी शांति देवी खर्रा, बड़े बेटे दुर्गा सिंह खर्रा, छोटे बेटे अजय सिंह खर्रा और छोटे भाई महावीर सिंह खर्रा की पत्नी प्रतिमा खर्रा की किस्मत का फैसला मतदाता करेंगे।
ऐसे में इन प्रत्याशियों के चुनावी परिणाम को मंत्री के परिवार की राजनीतिक प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जा रहा है।
पंचायत चुनाव में जीत के आंकड़ों को लेकर राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की निगाहें मतदान पर टिकी हैं। मतदान के बाद कई स्थानों पर संभावित बाड़ेबंदी की चर्चाएं भी तेज हो सकती हैं। स्थानीय निकायों और पंचायतों में बहुमत जुटाने की रणनीति के तहत विजयी प्रत्याशियों को एकजुट रखने की कवायद देखने को मिल सकती है। हालांकि, बाड़ेबंदी कहां और कब होगी, यह संबंधित क्षेत्रों के चुनावी नतीजों और राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
जिला परिषद और पंचायत समिति के सदस्य ग्रामीण विकास, स्थानीय सुविधाओं और जनसमस्याओं से जुड़े फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ऐसे में दूसरे चरण का मतदान गांवों की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। अब मतदाताओं के फैसले पर सबकी नजरें हैं। बुधवार को पड़ने वाले वोट यह तय करेंगे कि ग्रामीण क्षेत्रों में किन प्रत्याशियों को जनता का समर्थन मिलता है और किसके राजनीतिक समीकरण मजबूत होते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित