राज-उन्नति की दूसरी बैठक में 84,282 करोड़ की परियोजनाओं की समीक्षा

 


जयपुर, 20 फ़रवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक आयोजित हुई, जिसमें 84 हजार 282 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा विकास कार्य समयबद्ध पूरे किए जाएं।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनसेवा को सर्वोपरि मानकर कार्य कर रही है। यदि किसी कार्मिक द्वारा अपने दायित्वों में लापरवाही बरती जाती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी से लागत बढ़ती है और जनता को असुविधा होती है, इसलिए आवश्यक स्वीकृतियां शीघ्र जारी की जाएं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ‘राजस्थान सम्पर्क’ हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाए। जिला एवं विभाग स्तर पर नियुक्त नोडल अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग करें तथा कलेक्टर्स नियमित जनसुनवाई सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने चयनित परिवादियों से सीधे संवाद कर फीडबैक भी लिया। जैसलमेर के धन्नाराम सहित अन्य नागरिकों ने समस्याओं के समाधान पर आभार जताया।

मुख्यमंत्री ने पावरग्रिड से जुड़े प्रोजेक्ट्स को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने 765 केवी डी/सी ब्यावर-दौसा ट्रांसमिशन लाइन तथा 765 केवी डी/सी सीकर-खेतड़ी ट्रांसमिशन लाइन के कार्यों में तेजी लाने को कहा। उद्योग विभाग को भीलवाड़ा में बन रहे टेक्सटाइल पार्क के कार्य शीघ्र पूर्ण कर भूखंड आवंटन प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने खनन क्षेत्र में आरएफआईडी एवं जीपीएस आधारित निगरानी प्रणाली चरणबद्ध लागू करने तथा वेब्रिज ऑटोमेशन एवं वाहन ट्रैकिंग सिस्टम के मॉड्यूल शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। खान एवं परिवहन विभागों को पोर्टल इंटीग्रेशन कर खनिज परिवहन की रियल टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।

मुख्यमंत्री ने जिला कौशल समितियों को सक्रिय करते हुए ‘न्यू एज कोर्स’ के कन्वर्जेंस और स्किल गैप को भरने के निर्देश दिए। आगामी वर्ष में एक लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कालीबाई भील उड़ान योजना के तहत महिलाओं एवं बालिकाओं को निःशुल्क सेनेटरी नेपकिन वितरण की व्यवस्था सुचारू रखने के भी निर्देश दिए गए।

उन्होंने बताया कि सरकार ने पांच वर्षों में छह लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार देने का लक्ष्य रखा है, जिसमें अब तक दो लाख से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ के माध्यम से भी रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। प्रत्येक जिले में इंडस्ट्री पार्टनर के सहयोग से इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल डेवलपमेंट एंड वोकेशनल ट्रेनिंग शुरू करने की घोषणा भी की गई।

मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि गत वर्ष की लंबित बजट घोषणाएं शीघ्र पूरी की जाएं। ‘एक जिला-एक उत्पाद’ नीति के माध्यम से स्थानीय रोजगार बढ़ाने पर जोर दिया गया। भरतपुर एवं अलवर में नए बस स्टैंड के निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा राजस्थान रिफाइनरी सहित अन्य प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं सभी जिला कलेक्टर्स वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू की गई ‘राज-उन्नति’ पहल के तहत चयनित परियोजनाओं की नियमित समीक्षा कर प्रदेश के विकास को गति दी जा रही है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित