जीरे की वैज्ञानिक खेती से बढ़ेगी किसानों की आय
जोधपुर, 29 अक्टूबर (हि.स.)। भाकृअनुप-केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) जोधपुर के निदेशक डॉ. हनुमान सहाय जाट के मार्गदर्शन में कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) द्वारा केंद्र सरकार की अनुसूचित जाति उप-योजना के अंतर्गत ग्राम रामपुरिया, विकास खंड बिलाड़ा में जीरे की उन्नत खेती विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान अनुसूचित जाति के किसानों को जीरे के उन्नत बीज वितरित कर वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
प्रशिक्षण में किसानों को जीरे की उन्नत किस्मों के चयन, बुवाई के उचित समय, बीजोपचार, संतुलित उर्वरक उपयोग, सिंचाई एवं जल प्रबंधन तथा रोग-कीट नियंत्रण की वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी गई। विशेष रूप से सल्फर सहित आवश्यक पोषक तत्वों के संतुलित उपयोग और मृदा स्वास्थ्य संरक्षण पर जोर दिया गया। किसानों को बताया गया कि गुणवत्तापूर्ण बीज और अनुशंसित कृषि तकनीकों को अपनाकर उत्पादन लागत कम करने, फसल की गुणवत्ता सुधारने तथा खेती को अधिक लाभकारी बनाने में मदद मिल सकती है।
कार्यक्रम में किसानों को उपलब्ध कृषि संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने तथा कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार खेती करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, किसानों की तकनीकी दक्षता बढ़ाना तथा वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के माध्यम से उनकी आजीविका एवं आय में सुधार को प्रोत्साहित करना रहा।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश