बी 2 बाईपास स्थित 42 बीघा भूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाउसिंग बोर्ड की कार्रवाई रोकी

 


जयपुर, 25 मई (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने टोंक रोड बी 2 बाईपास स्थित 42 बीघा भूमि से जुड़े मामले में हाउसिंग बोर्ड की आगामी कार्रवाई पर रोक लगा दी है। अदालत ने कहा कि हाईकोर्ट में लंबित अपील के निपटारे तक बचे हुए 10 मकानों में तोडफ़ोड़ सहित अन्य कोई कार्रवाई नहीं की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया हाईकोर्ट का 21 अप्रैल 2026 को दिए गए रोक के आदेश को हटाना उचित नहीं लगता है। इस कारण ही स्थानीय प्रशासन ने अवैध निर्माणों को तोडऩा शुरू कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश सोमवार को श्रीराम कॉलोनी विकास समिति की एसएलपी को निस्तारित करते हुए दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि रोक आदेश को हटाने के लिए हाईकोर्ट के समक्ष कोई प्रार्थना पत्र पेश होता है तो वह उसे पक्षकारों को सुनकर निर्णीत किया जाए।

श्रीराम कॉलोनी विकास समिति ने एसएलपी में हाईकोर्ट की खंडपीठ के 18 मई 2026 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें खंडपीठ ने 21 अप्रैल को एकलपीठ के आदेश पर लगाई अपनी ही रोक हटा दी थी। विकास समिति की ओर से सीनियर एडवोकेट अरुण चौधरी व अधिवक्ता आशीष शर्मा ने कहा कि खंडपीठ ने पक्षकारों को सुनकर ही एकलपीठ के आदेश पर रोक लगाई थी, लेकिन 18 मई को किसी भी पक्षकार की ओर से रोक को हटाने के संबंध में कोई भी प्रार्थना पत्र दायर नहीं करने पर भी खंडपीठ ने खुद ही रोक हटा दी। आदेश पर लगी रोक हटने के चलते ही हाउसिंग बोर्ड ने जमीन पर कार्रवाई कर दी। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने विकास समिति से पूछा कि अब कितने मकान बचे हैं, जवाब में विकास समिति ने कहा कि वहां पर अब केवल 10 मकान ही बाकी रहे हैं। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने हाउसिंग बोर्ड की आगामी कार्रवाई पर रोक लगाते हुए विकास समिति की एसएलपी निस्तारित कर दी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / पारीक