अलवर में शुरू हुआ ‘खेत बचाओ अभियान’, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर ने किसानों से की परम्परागत खेती अपनाने की अपील

 


जयपुर/अलवर, 03 जून (हि.स.)। केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण राज्यमंत्री राम नाथ ठाकुर ने बुधवार को अलवर जिले के ग्राम बगड़ राजपूत में ‘खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर आयोजित कृषि गोष्ठी में उन्होंने किसानों को रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करते हुए परम्परागत खेती पद्धति की ओर लौटने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया और किसानों से संवाद कर खेती में नवाचार तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर चर्चा की।

रामनाथ ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प में स्वस्थ खेत और स्वस्थ शरीर महत्वपूर्ण आधार हैं। इसी सोच के तहत 1 जून से देशभर में ‘खेत बचाओ अभियान’ शुरू किया गया है, जो 30 जून तक चलाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि खेत का स्वास्थ्य सीधे तौर पर मानव स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है और इससे पैदा होने वाली फसलें मानव स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर डाल रही हैं।

केंद्रीय मंत्री ने किसानों से रासायनिक खाद के विकल्प अपनाने और वैज्ञानिक तरीके से जैविक एवं परम्परागत खेती की ओर बढ़ने की अपील की। उन्होंने कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के माध्यम से किसानों को जागरूक करने के साथ उन्हें आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं से भी जोड़ा जाए।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। कृषि विभाग के अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों को इन योजनाओं की जानकारी दें ताकि अधिक से अधिक किसान लाभान्वित हो सकें।

कार्यक्रम में रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह ने कहा कि कृषि अधिकारियों और किसानों के सामूहिक प्रयास से ही परम्परागत खेती को फिर से मजबूत बनाया जा सकता है। श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु पुष्पेन्द्र सिंह चौहान तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद अटारी जोधपुर के निदेशक डॉ. जे.पी. मिश्रा ने अभियान के उद्देश्यों, कृषि योजनाओं और आधुनिक खेती तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी।

ग्राम गुजूकी निवासी प्रगतिशील किसान महेन्द्र कुमार सैनी ने बताया कि कृषि विभाग के सहयोग से पॉलीहाउस, मल्चिंग और वर्मी कम्पोस्ट जैसी तकनीकों को अपनाकर उन्होंने अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। वहीं प्रगतिशील किसान नवाब सिंह ने मधुमक्खी पालन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह किसानों के लिए अतिरिक्त आय का बेहतर माध्यम है और पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक है।

किसानों ने ‘खेत बचाओ अभियान’ की सराहना करते हुए कहा कि इससे खेतों की उर्वरा शक्ति बचाने और आमजन को शुद्ध कृषि उत्पाद उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित