दिल्ली में वोट बचाओ-देश बचाओ धरने के बीच बुलन्द होगा सरस बचाओ अमूल भगाओ का उद्घोष : सरस डेयरी अध्यक्ष

 


अजमेर, 31 अक्टूबर(हि.सं.)। रविवार एक नवंबर को दिल्ली की सड़कों पर 'वोट बचाओ देश बचाओ' महाधरने में अजमेर सरस डेयरी से जुड़े हजारों किसान अमूल के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई का शंखनाद करेंगे। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में होने वाले इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में शामिल होने के लिए, अजमेर डेयरी अध्यक्ष और कांग्रेस नेता रामचंद्र चौधरी की अगुवाई में अनेक दुग्ध उत्पादक दिल्ली के लिए कूच करेंगे। वहीं अजमेर के शहर जिलाध्यक्ष कांग्रेस डॉ राजकुमार जयपाल ने भी जानकारी दी है कि 7 बसों और 20 से ज्यादा छोटे चौपहिया वाहनों से अजमेर के सैंकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली पहुंच रहे हैं।

सरस डेयरी अजमेर के अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने बताया कि इस विशाल धरने में श्वेत क्रांति के प्रहरी किसान 'सरस बचाओ-अमूल भगाओ' का गगनभेदी उद्घोष करेंगे। यह प्रदर्शन राजस्थान की गौरवशाली सहकारी दुग्ध व्यवस्था को बचाने और बाहरी ब्रांड के अतिक्रमण को रोकने की एक निर्णायक जंग है।

उन्होंने बताया कि इस उग्र आंदोलन का सबसे बड़ा कारण पशु आहार का वह भयंकर संकट है, जिसने किसानों की कमर तोड़ दी है। पिछले छह माह से पशुपालक दाने-दाने को मोहताज हैं। डेयरी संस्थाओं में पूरा अग्रिम भुगतान करने के बावजूद, उन्हें अपनी जरूरत का मात्र 20 से 25 प्रतिशत पशु आहार ही मिल पा रहा है। पशु आहार की आपूर्ति के लिए दुग्ध संघों और किसानों ने आरसीडीएफ से बार-बार संपर्क किया और लगातार गुहार लगाई, लेकिन वहां से कोई सुनवाई नहीं हुई। आरसीडीएफ के इस रवैये ने ही किसानों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। इसी प्रशासनिक अनदेखी के चलते किसान अब एक उग्र विद्रोह के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन के प्रमुख मुद्दे और मांगों को लेकर दिल्ली कूच के दौरान पशु आहार की किल्लत और आरसीडीएफ की लापरवाही के अलावा इन ज्वलंत मुद्दों पर भी सरकार को घेरा जाएगा। मिड-डे मील योजना के तहत लंबे समय से अटके हुए करोड़ों रुपयों का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है।

चौधरी ने कहा कि आरसीडीएफ का कुप्रबंधन ने पूरे डेयरी तंत्र को खोखला कर दिया है। वर्तमान में आरसीडीएफ और प्रदेश के विभिन्न जिला संघों में तकनीकी अधिकारियों सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के लगभग 3000 पद खाली पड़े हैं। लंबे समय से एक भी नए कर्मचारी या अधिकारी की नियमित भर्ती नहीं की गई है और पूरा काम मात्र 20 प्रतिशत स्थायी कर्मचारियों के कराया जा रहा है। चौधरी ने मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत बांटी जा रही अनुदान राशि में हो रही भारी अनियमितताओं पर तत्काल रोक और पारदर्शी से वितरण की भी बात रखी।

डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने स्पष्ट किया कि यह कूच पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के उस आह्वान का नतीजा है, जो उन्होंने 23 अगस्त 2026 को अजमेर के कच्छावा गार्डन की जनसभा में किया था। डोटासरा ने किसानों को भरोसा दिलाया था कि यदि प्रदेश सरकार सरस के हितों की अनदेखी कर अमूल को थोपती है, तो इसके खिलाफ दिल्ली में बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। आज का यह दिल्ली कूच उसी वादे और आक्रामक रणनीति का सीधा परिणाम है। चौधरी के अनुसार दिल्ली कूच में दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के बीएमसी (बल्क मिल्क कूलर) सदस्य भी अपनी अपनी पूरी ताकत झोंकेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष