रंगों में साकार हुए संस्कृत श्लोकों के भाव
उदयपुर, 2 सितंबर (हि.स.)। संस्कृत के श्लोक जब बालमन की कल्पनाशीलता से संवाद करते हैं और भावों को रंगों की भाषा मिलती है, तो ज्ञान, संस्कृति, संस्कार और जीवन-दर्शन की अमूर्त अनुभूतियां चित्रों में साकार हो उठती हैं। कुछ ऐसा ही मनोहारी दृश्य रॉकवुड्स हाई स्कूल एवं संस्कृत भारती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित श्लोक आधारित चित्रकला प्रतियोगिता में देखने को मिला। उदयपुर के विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे विद्यार्थियों ने संस्कृत श्लोकों में निहित जीवन-मूल्यों को अपनी सृजनात्मक दृष्टि और कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से कागज पर उतारकर भारतीय ज्ञान-परंपरा के रंगीन स्वरूप को जीवंत कर दिया।
संयोजक राजश्री यादव ने बताया कि कनिष्ठ एवं वरिष्ठ वर्ग में आयोजित इस प्रतियोगिता में उदयपुर के लगभग 26 विद्यालयों के 124 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यार्थियों ने संस्कृत श्लोकों में निहित पुरुषार्थ, परिश्रम, विद्या, सत्य, संस्कार, प्रकृति, संस्कृति एवं जीवन-मूल्यों को विविध रंगों, आकृतियों और कल्पनाशील चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। किसी चित्र में कर्म और पुरुषार्थ का संदेश मुखर हुआ तो किसी में विद्या और सत्य की महत्ता उभरकर सामने आई। अनेक कलाकृतियों में भारतीय संस्कृति, प्रकृति और जीवन-मूल्यों की समृद्ध छवियां रंगों के माध्यम से सजीव होती दिखाई दीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा ईश-वंदना एवं सरस्वती पूजन, माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में रॉकवुड्स हाई स्कूल व सीपीएस की चेयरपर्सन डॉ. अलका शर्मा, अनीस शर्मा, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ज्ञानदेव विश्वकर्मा , प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा एवं इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की स्वतंत्र निदेशक अलका मूंदड़ा, रॉकवुड्स हाई स्कूल के निदेशक दीपक शर्मा, प्राचार्या अंजला शर्मा तथा संस्कृत भारती के प्रांत के डॉ. यज्ञ आमेटा उपस्थित रहे।
इस अवसर पर रॉकवुड्स हाई स्कूल की चेयरपर्सन डॉ. अलका शर्मा ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ प्रतियोगिता में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि ज्ञानदेव ने संस्कृत में अपने उद्बोधन में संस्कृत भाषा के महत्व, श्लोकों में निहित जीवन-दर्शन तथा उनके भावों को चित्रकला के माध्यम से अभिव्यक्त करने की इस अभिनव पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ज्ञान और जीवन-मूल्यों की समृद्ध परंपरा का आधार है।
विशिष्ट अतिथि डॉ अलका मूंदड़ा ने संस्कृत के वैश्विक स्वरूप को रेखांकित करते हुए उसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि अपने चित्रों के माध्यम से भारतीय संस्कृति को अभिव्यक्त करना संस्कृत से जुड़ने और उसके संरक्षण-संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान है।
इस अवसर पर निदेशक दीपक शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं प्रेषित कीं। कार्यक्रम में अनीस शर्मा, विद्यालय के निदेशक दीपक शर्मा एवं प्राचार्या अंजला शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही।
संस्कृत भारती के प्रांत संपर्क प्रमुख डॉ. यज्ञ आमेटा ने अतिथियों एवं प्रतिभागी विद्यालयों का स्वागत किया। उन्होंने प्रतियोगिता के उद्देश्य एवं नियमों की जानकारी देते हुए संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत आयोजित विभिन्न गतिविधियों से भी प्रतिभागियों को अवगत कराया।
प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में राम सिंह भाटी, सहआचार्य, चित्रकला, मीरा गर्ल्स महाविद्यालय,तथा श्रीमती इंदु नागदा, व्याख्याता चित्रकला एवं उपप्राचार्य, भींडर सीनियर विद्यालय ने विद्यार्थियों की कलाकृतियों का सूक्ष्म अवलोकन किया। उन्होंने कल्पनाशीलता, विषयानुरूपता, भावाभिव्यक्ति के आधार पर मूल्यांकन किया।
कार्यक्रम का संचालन विद्यार्थियों एवं अध्यापकों द्वारा किया गया। आयोजन की व्यवस्थाओं एवं प्रतियोगिता के सफल संचालन में कार्यक्रम संयोजक राजश्री यादव सहित विद्यालय की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
विद्यालय टीम के संयोजक राजश्री यादव, संस्कृत अध्यापक अनीता शर्मा व डॉ.पूनम पालीवाल, के साथ संस्कृत भारती से संजय शांडिल्य, दुर्गा कुमावत, दुष्यंत नागदा, चैन शंकर दशोरा, श्रीयांश कंसारा, गौरव साहू, मीनाक्षी द्विवेदी, सुनीता कंवर आदि कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही ।
प्रतियोगिता में सेंट्रल अकादमी सीनियर सेकेंडरी से-5, से.3, सरदारपुरा, हैप्पी होम, विटी इंटरनेशनल, आलोक स्कूल, से.11, पंचवटी, फतेहपुरा, इंडो अमेरिकन, रसिकलाल एम. धारीवाल स्कूल,द स्कॉलर्स एरिना , द विजन एकेडमी, नीरजा मोदी, एमएमपीएस,एमएमवीएम, मिरांडा स्कूल, डीपीएस, विद्या भवन स्कूल, बड़गांव, रामगिरी कला संस्थान, रा उ मा वि देवाली, संत जोसफ विद्यालय, सीडलिंग मॉडर्न स्कूल, रॉकवुड्स हाई स्कूल, जीएनपीएस, संत एंथोनीज उच्च माध्यमिक विद्यालय, अभिनव विद्यालय, सीपीएस, द यूनिवर्सल , एमडीएस, न्यू सेंट्रल एकेडमी सहित उदयपुर के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता