मोबाइल चोरी और फर्जी सिम से बचाएगा संचार साथी पोर्टल
जयपुर, 23 मई (हि.स.)। साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा संचालित ‘संचार साथी’ पोर्टल को लेकर विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल चोरी, फर्जी सिम, साइबर फ्रॉड और संदिग्ध कॉल्स से बचने के लिए इस पोर्टल और मोबाइल ऐप का अधिक से अधिक उपयोग करें।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक वीके सिंह ने बताया कि डिजिटल दौर में साइबर ठग नई तकनीकों के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में संचार साथी पोर्टल नागरिकों को मोबाइल और सिम कार्ड सुरक्षा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराता है। यह पोर्टल मोबाइल ऐप के रूप में गूगल प्ले स्टोर पर भी उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि पोर्टल के “ अपना खोया/चोरी हुआ मोबाइल हैंडसेट ब्लॉक करें” फीचर के जरिए कोई भी व्यक्ति अपने चोरी या गुम हुए मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबर को तुरंत ब्लॉक कर सकता है। इससे फोन में किसी भी कंपनी का सिम इस्तेमाल नहीं हो सकेगा। मोबाइल मिलने पर उसे दोबारा अनब्लॉक भी कराया जा सकता है।
इसी प्रकार “अपना मोबाइल जानें (केवाईएम)” मॉड्यूल के जरिए लोग नया या पुराना मोबाइल खरीदने से पहले उसके आईएमईआई नंबर की जांच कर सकते हैं। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि मोबाइल ब्लैकलिस्टेड, डुप्लीकेट या चोरी का तो नहीं है।
पोर्टल के “टीएएफसीओपी” फीचर के माध्यम से नागरिक यह भी देख सकते हैं कि उनके नाम या आधार पर कितने मोबाइल नंबर सक्रिय हैं। यदि कोई अनजान नंबर दिखाई देता है तो उसकी शिकायत कर उसे बंद कराया जा सकता है।
एडीजी वीके सिंह ने बताया कि “चक्षु ” पोर्टल के जरिए व्हाट्सएप, कॉल या एसएमएस पर आने वाले फर्जी नौकरी, लॉटरी, केवाईसी अपडेट और बैंक अधिकारी बनकर ठगी करने के प्रयासों की रिपोर्ट भी दर्ज कराई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी अब कॉलर आईडी स्पूफिंग तकनीक का इस्तेमाल कर विदेश से कॉल करते हुए भारतीय नंबर प्रदर्शित कर लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे मामलों में “भारतीय नंबर से आने वाली अंतरराष्ट्रीय कॉल की रिपोर्ट करें” फीचर के जरिए शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश