सनातन मंगल महोत्सव में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, स्वामी राजेन्द्रदास देवाचार्य का सानिध्य

 




भीलवाड़ा, 23 फरवरी (हि.स.)। भीलवाड़ा स्थित हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर के तत्वावधान में चल रहे आठ दिवसीय सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह के पांचवें दिन सोमवार को स्वामी राजेन्द्रदास देवाचार्य (श्री रैवासा वृन्दावन धाम) का दिव्य सानिध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने व्यासपीठ पर विराजित कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर का अभिनंदन कर श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का श्रवण किया।

कथा के दौरान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं एवं गोवर्धन पूजा प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया तथा छप्पन भोग की आकर्षक झांकी सजाई गई। आश्रम आगमन पर महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज, महंत स्वरूपदास, महंत हनुमानराम उदासीन सहित संत-महात्माओं तथा विभिन्न सेवा समितियों के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया।स्वामी राजेन्द्रदास देवाचार्य महाराज ने कहा कि भगवान का नाम, रूप, लीला और धाम सभी सच्चिदानंद स्वरूप हैं। कथा श्रवण से भी वही आध्यात्मिक फल प्राप्त होता है जो प्रभु चरणों में समर्पण से मिलता है। उन्होंने कहा कि भीलवाड़ा वासियों के लिए यह सौभाग्य का अवसर है कि उन्हें ऐसी दिव्य कथा का श्रवण प्राप्त हो रहा है।महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज ने आयोजन की पृष्ठभूमि और धार्मिक अनुष्ठानों की जानकारी देते हुए कहा कि यह महोत्सव आध्यात्मिक जागरण का महत्वपूर्ण अवसर है। दीक्षा ग्रहण करने जा रहे इन्द्रदेव, सिद्धार्थ एवं कुनाल का परिचय भी इस अवसर पर कराया गया, जिन्हें आशीर्वाद प्रदान किया गया। मंगलवार को उदासीन कार्ष्णि पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी गुरूशरणानंद महाराज (रमणरेती, गोकुल-वन, मथुरा) का सानिध्य प्राप्त होगा। मंच पर पठानकोट से पधारे महामंडलेश्वर स्वामी शरणानंद महाराज एवं पंचमुखी दरबार भीलवाड़ा के महंत लक्ष्मणदास त्यागी की उपस्थिति भी रही।कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर ने कहा कि भगवान की कृपा के लिए पुरुषार्थ आवश्यक है। उन्होंने गौसेवा एवं गौरक्षा का संदेश देते हुए दैनिक जीवन में धार्मिक संस्कारों के पालन पर बल दिया। पांचवें दिवस की आरती में संत-महात्माओं के साथ उद्योगपति रामपाल सोनी सहित विभिन्न समाजों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। कथा का वाचन 25 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर 1 से 4 बजे तक किया जाएगा। छठे दिन महारास एवं रुक्मिणी विवाह प्रसंग का वर्णन होगा।महोत्सव के अंतर्गत वृन्दावन से आए 16 कलाकारों द्वारा अखण्ड हरिनाम संकीर्तन किया जा रहा है। तीन-तीन घंटे की पारियों में संकीर्तन जारी है। प्रतिदिन पंचकुण्डीय श्री विष्णु महायज्ञ, शतचण्डी पाठ, अखण्ड श्रीमद् भगवद्गीता पाठ, श्रीरामचरितमानस पाठ एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हो रहे हैं। सायंकाल रासलीला और गंगा आरती में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।सनातन मंगल महोत्सव के अंतर्गत 25 फरवरी को प्रातः संत दर्शन एवं सनातन शोभायात्रा का आयोजन होगा। यह शोभायात्रा अयोध्यानगर शहीद चौक (दूधाधारी मंदिर) से प्रारंभ होकर नगर परिक्रमा करते हुए आश्रम पहुंचेगी। इसमें दीक्षार्थी, संत-महापुरुष एवं विभिन्न मंडलियां शामिल होंगी। आयोजकों के अनुसार हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता से सनातन एकता का संदेश दिया जाएगा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मूलचंद