घर- घर पहुंचने लगी हल्दीघाटी विजय की गाथा
उदयपुर, 10 जून (हि.स.)।
'टोप कट्यो सर धड़ कट्यो, जीणा जामण साथ। असी धरा ऐसी धसी, जो नागण जोड़े हाथ।
हल्दीघाटी युद्ध में बहलोल खां को घोड़े सहित काट देने वाले वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की शूरवीरता के दर्शन कराने वाली डॉ. देवकरण सिंह राठौड़ की लिखी यह पंक्तियां स्पष्ट करती हैं कि हल्दीघाटी युद्ध में मुगल सेना का बुरा हश्र हुआ। महाराणा की सेना के शूरवीरों की हुंकार ने मुगल सेना को डरकर पीछे भागने पर मजबूर कर दिया था। हल्दीघाटी युद्ध की इसी शूरवीरता और विजय की गौरव गाथा मेवाड़—वागड़ के घर—घर पहुंचना शुरू हो गई है।
प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अंतर्गत संचालित प्रताप गौरव केन्द्र 'राष्ट्रीय तीर्थ' के कार्यकर्ता हल्दीघाटी गौरव गाथा के पत्रक बांटने के साथ हल्दीघाटी विजय के 450 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 जून को होने जा रही विशाल राष्ट्र चेतना संकल्प सभा में आने का न्योता भी दे रहे हैं। मेवाड़—वागड़ के गांव—गांव में पहुंचे पत्रकों का वितरण आरंभ हो चुका है। बुधवार को भी उदयपुर शहर और समीपवर्ती क्षेत्रों सहित उदयपुर संभाग के विभिन्न गांव—कस्बों में कार्यकर्ताओं ने पत्रक बांटे। पत्रक बांटने निकल रही टोलियां 'राणा की जय—जय, शिवा की जय—जय' का गुंजार भी कर रही हैं।
उदयपुर शहर के समीपवर्ती बेदला क्षेत्र के समता नगर में पुष्कर जोशी, केसूलाल जोशी, अशोक कोठारी, सुभाष जोशी, कमल सोनी, कनिष्क जोशी, रीता कोठारी, विजयलक्ष्मी ओझा, कोमल कोठारी, सुनीति डोडियाल, अमर सिंह आदि कार्यकर्ताओं ने हल्दीघाटी विजय गौरव गाथा के पत्रक बांटे और 17 जून को होने वाली सभा का न्योता दिया।
उल्लेखनीय है कि 17 जून को महाराणा भूपाल स्टेडियम गांधी ग्राउण्ड में प्रातः 9.30 बजे होने वाली इस सभा को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत संबोधित करेंगे।
हल्दीघाटी विधानसभा नाम के लिए सौंपा पत्र
—हल्दीघाटी—बड़गांव क्षेत्र के समीपवर्ती गांवों के ग्रामीणों ने हल्दीघाटी विजय के 450 वर्ष पूर्ण होने पर स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि नए परिसीमन में हल्दीघाटी क्षेत्र जिस भी विधानसभा में शाामिल हो, उस विधानसभा का नाम हल्दीघाटी विधानसभा रखा जाए। क्षेत्र के समाजसेवी शंभू सिंह गमेती ने बताया कि विभिन्न गांवों में बुजुर्गों से लेकर युवाओं की यह इच्छा है कि हल्दीघाटी का नाम स्थायी रूप से विधानसभा के पटल पर अंकित हो।
पार्किंग से आयोजन स्थल तक ई—रिक्शा की तैयारी
—हल्दीघाटी विजय सार्द्ध चतु:शती समारोह के संयोजक सीए महावीर चपलोत ने बताया कि राष्ट्र चेतना संकल्प सभा में उदयपुर संभाग सहित विभिन्न जिलों से आने वाले वाहनों की पार्किंग विद्या भवन, फतह स्कूल प्रांगण में रहेगी। वहां से कार्यक्रम स्थल तक लाने और कार्यक्रम के बाद लेजाने के लिए ई—रिक्शा लगाने की तैयारी की जा रही है। जहां तक संभव होगा, ई—रिक्शा का उपयोग किया जाएगा। इसके बाद अन्य वाहनों की व्यवस्था की जाएगी।
भारत के कोने—कोने में पहुंची हल्दीघाटी की माटी
—निदेशक सक्सेना ने बताया कि प्रताप गौरव केन्द्र 'राष्ट्रीय तीर्थ' के प्रयास से हल्दीघाटी की माटी भारत के कोने—कोने तक पहुंचाई गई है। डॉ. भारत भूषण के नेतृत्व में हल्दीघाटी की माटी नागपुर ले जाई गई और वहां चल रहे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता विकास वर्ग में देश भर से आए शिक्षार्थियों, शिक्षकों, प्रबंधकों सहित 1100 से अधिक को हल्दीघाटी की माटी के पाउच प्रदान किए गए।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता