ग्राम रथ अभियान से ग्रामीणों तक पहुंच रही जनकल्याणकारी योजनाएं
जोधपुर, 12 मई (हि.स.)। राजस्थान सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पंचायत समिति ओसियां की ग्राम पंचायत डाबड़ी में ग्राम रथ अभियान 2026 का आयोजन किया गया। अभियान के दौरान ग्रामीणों को कृषि, पशुपालन, पंचायती राज, राजस्व, उद्यान सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी दी गई।
ग्राम पंचायत डाबड़ी के कृषक हरीश पुत्र भीखाराम विश्नोई ने बताया कि उन्हें कृषि विभाग की ओर से तारबंदी एवं सिंचाई पाइपलाइन पर अनुदान प्राप्त हुआ, जिससे खेती को नई मजबूती मिली। तारबंदी से आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, वहीं सिंचाई पाइपलाइन से जल प्रबंधन बेहतर होने के साथ सिंचाई दक्षता में वृद्धि हुई। इससे उनकी कृषि लागत कम हुई और आय में बढ़ोतरी हुई। उन्होंने बताया कि ग्राम रथ अभियान के माध्यम से उन्हें पशुपालन, राजस्व एवं उद्यान विभाग की योजनाओं की भी जानकारी मिली, जिससे भविष्य में अन्य योजनाओं का लाभ लेने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
खेत तलाई योजना बनी किसानों के लिए वरदान
मारवाड़ जैसे शुष्क क्षेत्र में जहां भूमिगत जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है, वहां वर्षा जल का संरक्षण किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आया है। राज्य सरकार की खेत तलाई योजना ने किसानों को खेती का नया आधार दिया है। इसका उदाहरण ग्राम बिराई के कृषक देवाराम झूमर राम हैं, जिन्होंने खेत तलाई बनाकर अपनी खेती और आय दोनों में उल्लेखनीय बदलाव किया है। देवाराम ने कृषि विभाग के कृषि पर्यवेक्षक बिराई के मार्गदर्शन में खेत तलाई योजना के तहत अपने खेत पर तलाई का निर्माण करवाया। इसके बाद देवाराम ने खरीफ सीजन में पांच बीघा भूमि पर देशी मिर्च की खेती शुरू की। उन्हें प्रति बीघा 70 से 80 मण तक उत्पादन प्राप्त हो रहा है। बाजार में लाल मिर्च के अच्छे दाम मिलने से उन्हें प्रति बीघा एक से सवा लाख रुपए तक की आय हो रही है। बिराई गांव की देशी मिर्च पहले से ही मारवाड़ क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान रखती है, जिसका लाभ उन्हें मिला।
तारबंदी योजना से बदली खेती की तस्वीर
राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के लिए आर्थिक संबल बन रही हैं। कृषि विभाग की तारबंदी योजना ने ऐसे ही कई किसानों की खेती को नई दिशा दी है। ग्राम बिराई, पंचायत समिति बावड़ी के कृषक सुखाराम पुत्र रामदेव माली इसका प्रेरणादायक उदाहरण हैं। सुखाराम के पास ग्राम बिराई में 15 बीघा खातेदारी कृषि भूमि है, जहां वे खरीफ सीजन में खेती करते हैं। खेत की मेडबंदी क्षतिग्रस्त होने के कारण आवारा पशु एवं जंगली जानवर अक्सर उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा देते थे, जिससे उत्पादन प्रभावित होता था और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। इसी दौरान कृषि पर्यवेक्षक बिराई के मार्गदर्शन में उन्हें राज्य सरकार की तारबंदी योजना की जानकारी मिली। उन्होंने उसी वित्तीय वर्ष आवेदन किया और स्वीकृति मिलने पर खेत की तारबंदी करवाई। इस योजना के तहत उन्हें राज्य सरकार की ओर से 40 हजार रुपए का अनुदान प्राप्त हुआ। तारबंदी होने के बाद फसलों को आवारा पशुओं एवं जंगली जानवरों से सुरक्षा मिलने लगी, जिससे उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
कल इन विभिन्न पंचायतों से रवाना होंगे ग्राम रथ
जिला कलक्टर आलोक रंजन ने बताया कि 13 मई को लूणी विधानसभा क्षेत्र की पंचायत समिति केरू अंतर्गत ग्राम पंचायत हेमनगर, जोलियाली एवं लोरडी देजगरा से ग्राम रथ रवाना किए जाएंगे। इसी प्रकार बिलाड़ा विधानसभा क्षेत्र में पंचायत समिति पीपाड़ की ग्राम पंचायत शेखनगर, जवासिया एवं रिया, भोपालगढ़ विधानसभा क्षेत्र में पंचायत समिति बावड़ी की ग्राम पंचायत लवेरा खुर्द, लवेरा कलां एवं मैलाणा तथा ओसियां विधानसभा क्षेत्र में पंचायत समिति ओसियां की ग्राम पंचायत श्रीराम नगर, खाबड़ा कलां एवं जाटीपुरा मुकाम सिमरथ नगर से ग्राम रथ संचालित होंगे। इसके अतिरिक्त शेरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में पंचायत समिति बालेसर की ग्राम पंचायत गाजणावास, उटाम्बर एवं चिडवाई से भी ग्राम रथ रवाना किए जाएंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश