आरटीयू की ‘सच का कवच’ टीम ने हैकाथॉन में जीता राष्ट्रीय तीसरा स्थान
जयपुर, 10 अगस्त (हि.स.)। राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (आरटीयू) कोटा के विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग विभाग के विद्यार्थियों की टीम ‘सच का कवच’ ने बैंक ऑफ बड़ौदा और आईआईटी गांधीनगर की ओर से आयोजित पीएसबी हैकाथॉन-2026 में राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान हासिल किया। टीम को दो लाख रुपये का पुरस्कार मिला। पुरस्कार आईआईटी गांधीनगर के निदेशक प्रो. रजत मूणा, बैंक ऑफ बड़ौदा के कार्यकारी निदेशक संजय वी. मुदलियार और इंडियन बैंक एसोसिएशन के वरिष्ठ सलाहकार राजीव रंजन प्रसाद ने प्रदान किया।
आरटीयू के सह जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि टीम में बीटेक चतुर्थ वर्ष के अभ्युदय जैन, हार्दिक माथुर, सिद्धार्थ राउत और बीटेक तृतीय वर्ष की चित्रा सैनी शामिल हैं। हैकाथॉन का विषय ‘आइडेंटिटी ट्रस्ट, प्रोटेक्शन एंड सेफ्टी’ था। इसमें देशभर से 450 से अधिक आवेदन मिले, जिनमें से 17 टीमों को ग्रैंड फिनाले के लिए चुना गया।
टीम ने बैंकिंग क्षेत्र में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड, पहचान की चोरी, अकाउंट टेकओवर और अंदरूनी सुरक्षा जोखिमों को ध्यान में रखते हुए एआई आधारित सुरक्षा समाधान विकसित किया। ‘सच का कवच’ ग्राहक की डिजिटल गतिविधियों और सामान्य व्यवहार का विश्लेषण कर असामान्य या जोखिमपूर्ण गतिविधियों की पहचान करने की अवधारणा पर आधारित है। इसमें नए डिवाइस से लॉगिन, संदिग्ध केवाईसी और ऑनबोर्डिंग, अकाउंट रिकवरी के प्रयास, पहचान से छेड़छाड़ तथा प्रिविलेज्ड एक्सेस के दुरुपयोग जैसे जोखिमों की पहचान पर जोर दिया गया है। सिस्टम विभिन्न संकेतों को जोड़कर जोखिम का आकलन कर अतिरिक्त सत्यापन, अलर्ट या सुरक्षा कार्रवाई में बैंकिंग प्रणाली की सहायता कर सकता है।
आरटीयू कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित संस्थानों के बीच तीसरा स्थान हासिल करना विश्वविद्यालय के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि ऐसी उपलब्धियां विद्यार्थियों में नवाचार, अनुसंधान और तकनीकी कौशल को बढ़ावा देती हैं। आरटीयू विद्यार्थियों में नवाचार, स्टार्टअप और उभरती तकनीकों के प्रति रुचि विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश