जयघोष और पुष्प वर्षा के बीच जैसलमेर में विजयादशमी उत्सव संपन्न, शहर में निकला भव्य पथ संचलन
जैसलमेर, 20 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा जैसलमेर नगर में विजयादशमी उत्सव अत्यंत गरिमामय, अनुशासित एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। इस अवसर पर संघ का स्थापना दिवस भी धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में नगर भर से सैकड़ों की संख्या में स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में सम्मिलित हुए। उत्सव के दौरान मंच पर मुख्य वक्ता के रूप में जोधपुर प्रांत सामाजिक समरसता संयोजक देवेंद्र तथा सह जिला कार्यवाह जैसलमेर विजय विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ शस्त्र पूजन के साथ हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता देवेंद्र ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में विजयादशमी पर्व के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विजयादशमी का दिन अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। इसी पावन तिथि पर वर्ष 1925 में परम पूजनीय डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की गई थी।
अपने संबोधन में उन्होंने संघ द्वारा चलाए जा रहे 'पंच परिवर्तन' (स्वदेशी, नागरिक कर्तव्य, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन और सामाजिक समरसता) का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश को परम वैभव पर पहुंचाने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने आचरण में बदलाव लाते हुए समाज परिवर्तन में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी
विजयादशमी उत्सव के मुख्य कार्यक्रम एवं बौद्धिक के पश्चात आदर्श विद्या मंदिर, गांधी कॉलोनी से स्वयंसेवकों का एक अत्यंत भव्य, विशाल एवं अनुशासित पथ संचलन प्रारंभ हुआ। घोष (बैंड) की राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत धुन पर पूर्ण गणवेश में कदम से कदम मिलाते हुए स्वयंसेवकों का अनुशासन देखते ही बन रहा था। संचलन के साथ चल रहे घोष दल और आम जन द्वारा 'भारत माता की जय' तथा 'वंदे मातरम' के गगनभेदी उद्घोष से संपूर्ण जैसलमेर शहर देश भक्ति के रंग में रंग गया।
यह पथ संचलन शहर के प्रमुख मार्गों—गड़ीसर चौराहा, गोपा चौक, गांधी चौक एवं हनुमान चौराहा से होते हुए बाल भारती विद्यालय पहुँचा, जहाँ संचलन का औपचारिक समापन हुआ। पूरे मार्ग में संचलन को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर और छतों पर श्रद्धालुओं एवं आमजन की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
संचलन के स्वागत में पूरे शहर को भगवा ध्वजों और तोरणद्वारों से सजाया गया था। मुख्य बाजारों और चौराहों पर स्थानीय नागरिकों, मातृशक्ति एवं विभिन्न व्यापारिक संगठनों द्वारा स्वयंसेवकों पर उत्साहपूर्वक पुष्प वर्षा की गई। जिससे पूरे नगर में एक उत्सव का वातावरण निर्मित हो गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्रशेखर