नेत्र-देहदान के संकल्प के साथ रॉयल लेडीज मनाएगा सेवा सप्ताह

 


जोधपुर, 14 सितम्बर (हि.स.)। जायंट्स ग्रुप ऑफ रॉयल लेडीज की ओर से सात दिवसीय सेवा सप्ताह का आयोजन 17 से 23 सितंबर तक किया जाएगा। सेवा सप्ताह के दौरान पर्यावरण संरक्षण, वृद्धजन सेवा, रक्तदान, महिला स्वास्थ्य, शिक्षा, चिकित्सा सेवा और कैंसर मरीजों की सहायता सहित विभिन्न सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम के माध्यम से आमजन को समाज सेवा के प्रति जागरूक करने और अधिक से अधिक लोगों को सेवा कार्यों से जोडऩे का प्रयास किया जाएगा।

फेडरेशन ऑफिसर एवं ग्रुप की पास्ट प्रेसिडेंट निरूपा पटवा ने बताया कि इस वर्ष सेवा सप्ताह को विशेष पहल के साथ आयोजित किया जा रहा है। ग्रुप की 150 महिला सदस्य नेत्रदान एवं देहदान के संकल्प के साथ आगे आएंगी। प्रत्येक सदस्य का लक्ष्य 10 लोगों से नेत्रदान के संकल्प के फार्म भरवाना है।

इस तरह करीब 1500 लोगों को नेत्रदान के संकल्प से जोडऩे का लक्ष्य रखा गया है। सेवा सप्ताह के तहत 17 सितंबर को वृक्षारोपण, 18 सितंबर को वृद्धाश्रम में सेवा, 19 सितंबर को रक्तदान, 20 सितंबर को महिलाओं के लिए स्वास्थ्य जागरूकता शिविर, 21 सितंबर को राजकीय विद्यालय में बच्चों के बीच शिक्षा जागरूकता कार्यक्रम, 22 सितंबर को मेडिकल कैंप तथा 23 सितंबर को अस्पताल में कैंसर मरीजों की सेवा के साथ कार्यक्रम का समापन किया जाएगा।

निरूपा पटवा ने बताया कि ग्रुप पिछले कई वर्षों से विभिन्न सामाजिक सरोकारों से जुड़े सेवा कार्य कर रहा है। इनमें पर्यावरण संरक्षण, सैनिटरी पैड वितरण, ट्रैफिक अवेयरनेस, थैलेसीमिया जागरूकता, नारी निकेतन एवं कच्ची बस्तियों में सेवा, कैंसर पीडि़तों के लिए बाल दान, वृद्धाश्रम एवं अनाथ आश्रम में सेवा, गोशाला सेवा, नि:शुल्क मेडिकल कैंप, जल संरक्षण, रक्तदान, सेल्फ डिफेंस सेमिनार और प्लास्टिक मुक्त अभियान प्रमुख हैं। महिलाओं एवं बालिकाओं के सशक्तीकरण के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध करवाकर रोजगार से जोडऩे, शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे, फर्नीचर, कंप्यूटर, वाटर कूलर एवं स्टेशनरी उपलब्ध कराने तथा जरूरतमंदों को भोजन और कपड़ों का वितरण भी किया गया है। महिलाओं के लिए पार्लर, कुकिंग और मेहंदी जैसे प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। ग्रुप की ओर से दिव्यांगों को कृत्रिम हाथ-पैर उपलब्ध करवाने के साथ किराना सामग्री, खेल उपकरण तथा सरकारी अस्पतालों में व्हीलचेयर जैसे उपकरण उपलब्ध कराने में भी सहयोग किया गया है।

पटवा ने बताया कि ग्रुप ने सरकार एवं विभिन्न विभागों के साथ मिलकर भी अनेक कार्यक्रम आयोजित किए हैं। जिला बाल संरक्षण इकाई के साथ बच्चों में नशे की रोकथाम के लिए जागरूकता कार्य किए गए। जिला परिषद एवं अधिकारियों के सहयोग से झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में भी सेवा गतिविधियां संचालित की गईं। वन विभाग के साथ मिलकर 2000 पौधों का वितरण किया गया तथा प्रतिवर्ष वृक्षारोपण अभियान चलाया जाता है। ग्रुप की ओर से बाल संरक्षण आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष जस्टिस मनोज गर्ग के साथ एक ढाई वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में न्याय दिलाने के प्रयासों में आर्थिक सहयोग भी किया गया। ग्रुप के सदस्यों के बीच व्यापारिक सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से बी2बी (बिजनेस टू बिजनेस) कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसमें सदस्यों ने अपने-अपने व्यवसाय की जानकारी साझा की, ताकि आपसी क्रय-विक्रय के माध्यम से सदस्यों के व्यापार को बढ़ावा मिल सके। निरूपा पटवा ने बताया कि ग्रुप की खास बात यह है कि समाज सेवा के लिए किसी से नकद सहयोग नहीं लिया जाता। महिला सदस्य अपनी किटी पार्टी और व्यक्तिगत बचत में से राशि बचाकर सेवा कार्यों में लगाती हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश