नाहरगढ़ में गूंजी बाघों की दहाड़: बाघिन रानी के पांचों शावकों का मनाया पहला जन्मदिन
जयपुर, 28 अप्रैल (हि.स.)। राजधानी स्थित नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में मंगलवार का दिन खास रहा। जहां पार्क की बाघिन रानी के पांचों शावकों—विजय, शौर्य, सूर्या, अंबे और वृंदा का पहला जन्मदिन उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। 27 अप्रैल को जन्मे इन शावकों के एक वर्ष पूर्ण होने पर पार्क में जश्न का माहौल रहा।
इस उपलब्धि के साथ नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में नई मिसाल पेश की है। पार्क में अब 2 सफेद बाघों सहित कुल बाघों की संख्या 15 तक पहुंच गई है, जो देश के किसी भी बायोलॉजिकल पार्क की तुलना में सबसे अधिक बताई जा रही है। इससे जयपुर का नाम वन्यजीव पर्यटन के मानचित्र पर और मजबूत हुआ है।
एसीएफ देवेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि पांचों शावकों में विजय सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसका कारण उसका दुर्लभ व्हाइट टाइगर होना है, जबकि अन्य चार शावक सामान्य गोल्डन रंग के हैं। विजय को अपनी मां रानी के साथ अठखेलियां करते देखना पार्क स्टाफ और विशेषज्ञों के लिए भी खास अनुभव है।
वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. अरविंद माथुर के अनुसार देश में यह पहला मामला है, जब किसी बाघिन ने एक साथ पांच शावकों को जन्म दिया और सभी पूरी तरह स्वस्थ हैं। सभी शावकों का नियमित टीकाकरण पूरा हो चुका है और उनके बेहतर शारीरिक व मानसिक विकास के लिए उन्हें रोजाना कुछ समय के लिए प्राकृतिक वातावरण में भी छोड़ा जा रहा है। फिलहाल शावकों को विशेष निगरानी में रखा गया है, लेकिन जल्द ही उन्हें पर्यटकों के दीदार के लिए डिस्प्ले एरिया में लाया जाएगा। इन शावकों के आने से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यटकों को एक साथ पांच नन्हे बाघ शावकों को देखने का दुर्लभ अवसर भी मिलेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश