रोडवेज कर्मचारियों का सिंधी कैंप पर प्रदर्शन
जयपुर, 07 अप्रैल (हि.स.)। राजधानी के सिंधी कैंप बस स्टैंड पर रोडवेज कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया। सीबीएस, जयपुर, वैशाली नगर, विद्याधर नगर और डीलक्स डिपो के कर्मचारी प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ओमवीर शर्मा के नेतृत्व में एकजुट हुए और नारेबाजी की।
फेडरेशन के प्रदेश महामंत्री सत्यनारायण शर्मा ने बताया कि चालक और परिचालकों से 18 से 20 घंटे तक काम लिया जा रहा है, लेकिन उन्हें ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जा रहा। साथ ही कर्मचारियों को 2 से 3 महीने तक साप्ताहिक अवकाश भी नहीं मिल रहा है। करीब 150 कर्मचारियों का वेतन पिछले 5 महीनों से रुका हुआ है, जिससे उन पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है।
फेडरेशन पदाधिकारी रमेश साई ने आरोप लगाया कि रोडवेज में नई बसें खरीदने के बजाय अनुबंधित बसों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे निजीकरण को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि 200 फीट बस स्टैंड और नारायण सिंह सर्किल से रोडवेज बसों को हटाकर हीरापुरा और ट्रांसपोर्ट नगर से संचालित किया जा रहा है, जबकि निजी बसें अब भी पुराने स्थानों से चल रही हैं। महिला कर्मचारियों को चाइल्ड केयर लीव देने में भेदभाव किया जा रहा है। वहीं महेंद्र प्रताप ने कहा कि कार्यालय और वित्त विभाग के कर्मचारियों से निरीक्षण कार्य कराया जा रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है। तकनीकी कर्मचारियों की पदोन्नति और ग्रेड-पे की समस्याएं भी लंबे समय से लंबित हैं।
फेडरेशन के संरक्षक विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि चालक पद के लिए पदोन्नति प्रणाली लागू करने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन इस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। सहायक यातायात निरीक्षक पद से जुड़े फैसलों को मंजूरी मिलने के बावजूद आदेश जारी नहीं किए गए हैं। इसके अलावा वर्ष 2025 में परिचालक वर्ग को छोड़कर अन्य कर्मचारियों की डीपीसी किए जाने को भी कर्मचारियों ने भेदभावपूर्ण बताया। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के नाम 14 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश