शरीर को भगवान का मंदिर समझकर आहार लें: शर्मा
जोधपुर, 22 अक्टूबर (हि.स.)। अखिल विश्व गायत्री परिवार की स्थानीय शाखा द्वारा दिव्या नगर में गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। महायज्ञ के अवसर पर गायत्री परिवार जोधपुर के पूर्व जिला समन्वयक जगदीश प्रसाद शर्मा ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि हमें इस शरीर को भगवान का मंदिर समझकर ही सात्विक आहार ग्रहण करना चाहिए। ईश्वर ने मानव जीवन को खान-पान के लिए अनेक पोषक एवं उत्तम सामग्रियां प्रदान की हैं, इसलिए हमें अखाद्य वस्तुओं के सेवन से पूरी तरह बचना चाहिए।
अपने संबोधन में शर्मा ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बीड़ी, सिगरेट, जर्दा, गुटखा और शराब जैसी हानिकारक वस्तुएं बनाने वाली कंपनियां स्वयं उनके पैकेट पर चेतावनी लिखती हैं कि यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, फिर भी लोग इनका निरंतर उपयोग करते हैं। ईश्वर द्वारा प्रदत्त इस अनमोल शरीर को स्वस्थ और निरोग रखना हम सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने सभी से प्रकृति के अनुकूल जीवन शैली अपनाने का आह्वान किया और जीवन में सात्विक विचारों को धारण करने पर जोर दिया। इस अवसर पर गायत्री परिवार के शैतान सिंह सोलंकी, सागीदान पालीवाल, मोतीलाल सोनी, परसराम, दाऊलाल सोनी, रूपाराम देवड़ा, बजरंग राठी, राजेश बूब, गोविंद जाजू, शुभम राठी, कनिष्क भूतड़ा, जनक राठी, खुशाल, धापू देवी, पदमा देवी, पुष्पा देवी, लीना जाजू, शिवानी राठी, साक्षी भूतड़ा, सेवाराम प्रजापत, दिनेश सुथार, पप्पूराम सुथार, राकेश प्रजापत सहित अनेक श्रद्धालुओं ने भाग लिया और देश व समाज की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना करते हुए यज्ञ कुंड में आहुतियां समर्पित कीं।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश