मुख्य सचिव ने किया जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर थाने का निरीक्षण

 




जयपुर, 05 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने सोमवार को जयपुर पुलिस कमिश्नरेट स्थित साइबर अपराध थाने का निरीक्षण कर साइबर अपराधों से निपटने की तैयारियों और कार्रवाई की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि साइबर ठगी में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण है। शिकायत मिलते ही पुलिस, बैंक और संबंधित एजेंसियों के बीच तत्काल समन्वय कर ठगी की राशि सुरक्षित कराने की कार्रवाई शुरू होनी चाहिए।

उन्होंने 1930 से शिकायत दर्ज होने से लेकर बैंक खाते पर कार्रवाई तक की प्रक्रिया को और तेज करने, संदिग्ध खातों की पहचान तथा ठगी की रकम का धन प्रवाह पता लगाने पर जोर दिया। साथ ही बैंकिंग संस्थाओं के साथ बेहतर तालमेल और शिकायत से खाते पर कार्रवाई तक लगने वाले समय का नियमित विश्लेषण करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने साइबर थाने में शिकायत, एफआईआर, डिजिटल साक्ष्य संकलन व जांच की प्रक्रिया की जानकारी ली और तकनीकी संसाधन बढ़ाने तथा कार्मिकों के नियमित प्रशिक्षण पर जोर दिया। उन्होंने अभय कमांड सेंटर का भी दौरा किया, जहां पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने 1930 और 112 कॉल सेंटर के संचालन की जानकारी दी।

डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि साइबर अपराध नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित कार्मिक और त्वरित प्रतिक्रिया के साथ पुलिस व संबंधित एजेंसियों के समन्वय को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने शिकायत से लेकर राशि सुरक्षित कराने और जांच पूरी होने तक समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एडीजी साइबर क्राइम वी.के. सिंह, विशेष पुलिस आयुक्त ओमप्रकाश सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश