10 किलो की कैंसरग्रस्त अंडाशय की गांठ सफल सर्जरी से निकाली
अजमेर, 06 अक्टूबर(हि.सं.)। पेट का आकार लगातार बढ़ने, भूख नहीं लगने और पेट में दर्द की शिकायत से कई महीनों से परेशान 66 वर्षीय महिला के अंडाशय से करीब 10 से 10.5 किलो वजनी कैंसरग्रस्त गांठ सफलतापूर्वक निकाल दी गई। मित्तल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में सीनियर कैंसर सर्जन डॉ. रजत चौधरी और उनकी टीम ने करीब छह घंटे चली जटिल सर्जरी के दौरान एक वर्ग फुट से भी अधिक आकार की गांठ को बिना फटे और उसके अंदर का द्रव बाहर निकले बिना सुरक्षित रूप से निकाल लिया। सर्जरी के बाद महिला की हालत में तेजी से सुधार हुआ और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
डॉ. रजत चौधरी ने बताया कि महिला पेट का आकार बढ़ने और लगातार भूख कम लगने की शिकायत लेकर ओपीडी में पहुंची थी। सोनोग्राफी, एमआरआई सहित आवश्यक जांचों में अंडाशय में बड़ी गांठ होने का पता चला। गांठ के आकार के कारण वह आसपास के अंगों पर दबाव बना रही थी। इससे किडनी और आंतों के कामकाज पर भी असर पड़ रहा था तथा महिला को चलने-फिरने में परेशानी हो रही थी। मरीज को ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी समस्या भी थी। आवश्यक जांचों और संबंधित विशेषज्ञों की राय के बाद सर्जरी का निर्णय लिया गया।
डॉ. चौधरी के अनुसार सर्जरी के दौरान करीब एक वर्ग फुट से भी अधिक आकार की 10 से 10.5 किलो वजनी गांठ पाई गई। यह गांठ आंतों, पेशाब की थैली और पेशाब की नलियों के आसपास चिपकी हुई थी। ऐसी स्थिति में गांठ को बिना नुकसान पहुंचाए निकालना चुनौतीपूर्ण था। टीम ने सावधानीपूर्वक सर्जरी करते हुए गांठ को बिना काटे साबुत और उसका बिना द्रव्य लीक हुए सुरक्षित रूप से बाहर निकाला। बाद में हुई जांच में गांठ में कैंसर की पुष्टि हुई। सर्जरी के बाद महिला ने दूसरे दिन से ही पेट दर्द और अन्य तकलीफों में राहत महसूस की। चिकित्सकों के अनुसार वर्तमान में वह सामान्य दिनचर्या कर पा रही हैं।
डॉ. चौधरी ने कहा कि मित्तल हॉस्पिटल में कैंसर के विभिन्न प्रकारों के उपचार के लिए मेडिकल, सर्जिकल और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि जटिल मामलों में विभिन्न विशेषज्ञों के सामूहिक परामर्श से उपचार की योजना तैयार करने का लाभ मरीजों को मिलता है। उन्होंने महिलाओं को सलाह दी कि पेट का आकार असामान्य रूप से बढ़ना, लगातार पेट दर्द, लंबे समय तक भूख न लगना या बिना स्पष्ट कारण पेट फूलना जैसी शिकायतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में समय रहते चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक जांच कराना जरूरी है, क्योंकि कुछ मामलों में ये गंभीर बीमारी के संकेत हो सकते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष