रितु बराला मामले में जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पर कांग्रेस का धरना जारी, बाहर प्रदर्शन के दौरान धक्का-मुक्की

 






जयपुर, 20 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली में एनएसयूआई की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला के साथ कथित मारपीट और अभद्रता के मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर राजस्थान में कांग्रेस और पुलिस के बीच गतिरोध मंगलवार को भी जारी रहा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं का जयपुर पुलिस कमिश्नरेट परिसर में धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। वहीं, कमिश्नरेट के बाहर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाया।

सोमवार शाम से शुरू हुए धरने में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और अन्य नेता रातभर कमिश्नरेट परिसर में बैठे रहे। मंगलवार सुबह भी नेताओं ने धरनास्थल पर ही चाय-नाश्ता किया। बाहर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड्स और दीवारों पर चढ़ गए। पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया तो धक्का-मुक्की और हल्की झड़प हुई। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता और महिला कार्यकर्ता फिर धरने पर बैठ गए।

प्रशासन ने कमिश्नरेट के दोनों मुख्य द्वारों पर बैरिकेडिंग कर परिसर में आमजन का प्रवेश बंद कर दिया। प्रदर्शन के कारण गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहे और एमआई रोड की ओर जाने वाले मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ।

रितु बराला सोमवार को कांग्रेस की कानूनी टीम और नेताओं के साथ मोती डूंगरी थाने पहुंची थीं। वहां संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए लिखित शिकायत दी गई। कांग्रेस विधायक रफीक खान, अमीन कागजी और अन्य नेताओं ने भी शिकायत दर्ज करने की मांग की। इसके बाद उन्हें पुलिस कमिश्नरेट जाने के लिए कहा गया। शाम करीब 6:15 बजे डोटासरा, खाचरियावास, विधायक रफीक खान और जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा सहित प्रतिनिधिमंडल कमिश्नरेट पहुंचा। वहां पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल मौजूद नहीं थे। डोटासरा ने फोन पर उनसे बात कर मामले को व्यक्तिगत मुद्दा नहीं बनाने और जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शिकायत दर्ज होने तक वे कमिश्नरेट से नहीं हटेंगे।

उल्लेखनीय है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी डोटासरा को फोन कर जयपुर में एफआईआर दर्ज कराने काे कहा था इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमिश्नरेट पहुंचे।

जयपुर पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज करने से इनकार करते हुए कहा कि 13 अक्टूबर की घटना के संबंध में रितु बराला ने उसी दिन दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में शिकायत दी थी। पुलिस के अनुसार इस शिकायत पर एफआईआर संख्या 291/2026 दर्ज है और दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है। ऐसे में समान तथ्यों के आधार पर जयपुर में अलग से एफआईआर दर्ज करना विधिसम्मत नहीं माना गया है।

पुलिस ने रितु के इस कथन को भी सही नहीं माना कि इलाज में व्यस्त रहने के कारण वह दिल्ली में शिकायत दर्ज नहीं करा सकीं। पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन ही दिल्ली पुलिस को शिकायत दे दी गई थी। आगे की कार्रवाई दिल्ली पुलिस की जांच के आधार पर होगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी कानून की पालना नहीं कर रहे हैं और राजस्थान की बेटी को न्याय दिलाने की मांग पर कार्रवाई से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी एफआईआर दर्ज करने की बात तो करते हैं, लेकिन न रिपोर्ट दर्ज कर रहे हैं और न ही स्थिति स्पष्ट कर रहे हैं। डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस नेता भूखे-प्यासे धरने पर बैठे हैं और रितु को न्याय दिलाने के बाद ही उठेंगे। उन्होंने प्राथमिकी दर्ज होने तक आंदोलन जारी रखने की बात दोहराई।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सवाल उठाया कि रितु बराला की शिकायत पर कार्रवाई की मांग के बावजूद एफआईआर दर्ज करने में परेशानी क्यों हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में शिकायत देने के बावजूद मामले में कार्रवाई नहीं की गई और जयपुर में भी शिकायत दर्ज नहीं की जा रही है। जूली ने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। उन्होंने महिला सुरक्षा और सम्मान के दावों पर सवाल उठाते हुए आंदोलन जारी रखने की बात कही।

पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि 24 घंटे से पुलिस कमिश्नर उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, जिनके पास गृह विभाग की जिम्मेदारी भी है, से पूछा कि वे मामले में हस्तक्षेप क्यों नहीं कर रहे हैं। खाचरियावास ने कहा कि जयपुर में किसी तरह का टकराव होता है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार और पुलिस प्रशासन की होगी। उन्होंने दशहरे के दिन यातायात प्रभावित होने का मुद्दा भी उठाया।

एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने जीरो एफआईआर दर्ज नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। जयपुर शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष आरआर तिवाड़ी, महिला कांग्रेस की जयपुर शहर अध्यक्ष मंजू मीणा और अन्य कार्यकर्ताओं ने भी आंदोलन जारी रखने की बात कही।

रितु बराला ने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके साथ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना की। उनके अनुसार, 13 अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एनएसयूआई के प्रदर्शन के दौरान वह राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर सात के पास साथियों के साथ नारेबाजी कर रही थीं। दोपहर करीब 2:30 बजे पुलिसकर्मी उन्हें और अन्य प्रदर्शनकारियों को बस में बैठाकर कनॉट प्लेस थाने ले गए।

रितु का आरोप है कि बस और थाने में महिला पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने गर्दन दबाने, बाल खींचने, चेहरे पर थप्पड़ मारने, डंडों से पीटने, कनपटी पर चोट पहुंचाने और अपमानजनक टिप्पणियां करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस उन्हें हिरासत में ले सकती थी, लेकिन मारपीट करना और उनके मूल अधिकारों का हनन करना गलत है। उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है।

रितु के मुताबिक, घटना के बाद उन्हें दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था और 14 अक्टूबर को छुट्टी मिली। उन्होंने राहुल गांधी के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी घटना का जिक्र किया था। रितु मूल रूप से झुंझुनूं की रहने वाली हैं और राजस्थान विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में सक्रिय रही हैं।

मदन राठौड़ ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर उठाए सवाल

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस नेताओं के प्रदर्शन पर सवाल उठाए। भाजपा प्रदेश मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर घटना होती है, सामान्यतः प्राथमिकी भी वहीं दर्ज कराई जाती है। यदि वहां के अधिकारी प्राथमिकी दर्ज नहीं करते हैं तो इसके लिए अन्य विकल्प मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को कानून की जानकारी होनी चाहिए।राठौड़ ने कांग्रेस पर राजस्थान में अव्यवस्था फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने इस आंदोलन को श्रेय लेने का प्रयास बताते हुए कहा कि कांग्रेस नेता त्योहार खराब कर रहे हैं, जो उचित नहीं है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश