आरजीएचएस बंद होने के विरोध में चिकित्सा मंत्री का पुतला फूंका

 


उदयपुर, 12 मई (हि.स.)। राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) में निजी अस्पतालों द्वारा उपचार और दवाइयां बंद किए जाने तथा योजना को इंश्योरेंस मोड पर देने के विरोध में मंगलवार को अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के बैनर तले जिला मुख्यालय पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों ने सरकार पर प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों के चिकित्सा अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया।

संयुक्त महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष शेर सिंह चौहान ने कहा कि आरजीएचएस योजना कर्मचारियों के लिए वरदान साबित हुई थी, लेकिन 25 मार्च से निजी चिकित्सा संस्थानों द्वारा दवाइयां बंद कर दी गईं और 14 अप्रैल से चिकित्सा सुविधाएं पूरी तरह ठप हैं। इससे गंभीर बीमारियों से ग्रसित हजारों कर्मचारी इलाज के लिए भटकने को मजबूर हैं तथा उन्हें जेब से राशि खर्च करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों और सरकार के बीच सामंजस्य के अभाव से यह स्थिति उत्पन्न हुई है।

जिला महामंत्री लच्छीराम गुर्जर ने कहा कि राज्य सरकार आरजीएचएस को इंश्योरेंस मोड पर ले जाना चाहती है, जिसे कर्मचारी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार में सीजीएचएस एवं पूर्व सैनिकों के लिए ईसीएचएस जैसी योजनाएं सफलतापूर्वक संचालित हैं, जबकि राज्य सरकार प्रशासनिक विफलता के कारण आरजीएचएस का संचालन नहीं कर पा रही है।

जिलाध्यक्ष हेमंत पालीवाल ने बताया कि महासंघ ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। इसके तहत 15 से 25 मई तक चिकित्सा मंत्री के प्रत्येक सरकारी दौरे पर विरोध प्रदर्शन तथा 28 मई को जयपुर में घेराव एवं विशाल प्रदर्शन किया जाएगा।

आईटी प्रभारी जसवन्त सिंह चौहान ने बताया कि पिछले एक माह में कर्मचारियों को इलाज के लिए करीब 200 करोड़ रुपए जेब से खर्च करने पड़े हैं। प्रदर्शन में वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवीन व्यास, सौरभ खमेसरा, अजय सिंह राजपूत, हिमांशु त्रिवेदी, दिलीप जोशी, विजय मीणा, प्रियंका भनात, मोहम्मद इदरिस, दीपक सोनी, विनोद शर्मा, हीरालाल गमेती, अशोक भट्ट, कमलेश वर्मा, कमलेश चौधरी, कैलाश कुंवर, मेघराज पटेल, मदनलाल सिंगाडिया, मुकेश शर्मा, खेमराज मीणा, नन्दलाल लबाना, प्रकाश चंद खटीक, भेरुलाल कलाल, कमलेश सेन, शंकर नकवाल और प्रवीन मेनारिया सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता