ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट: एक लाख से अधिक किसानों की भागीदारी, तकनीक आधारित खेती को मिलेगा नया आयाम
जयपुर, 10 मई (हि.स.)। राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित होने जा रहा ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम)-2026 प्रदेश में आधुनिक, तकनीक आधारित और बाजार उन्मुख कृषि व्यवस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित होगा। रविवार को पंत कृषि भवन के सभा कक्ष में अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन विभाग अभय कुमार की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में ग्राम-2026 की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक में सभी संबंधित कमेटियों एवं फिक्की अधिकारियों ने भाग लिया तथा विभिन्न समितियों के प्रभारियों द्वारा पीपीटी प्रजेंटेशन के माध्यम से तैयारियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया।
बैठक के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव ने आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि कार्यक्रम में आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध एवं व्यवस्थित रूप से पूर्ण की जाएं।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन राजस्थान की कृषि क्षमता को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का अवसर है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूर्ण सतर्कता, समन्वय और समयबद्धता के साथ करें, ताकि आयोजन में आने वाले किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, तकनीकी सत्रों, एग्रीटेक प्रदर्शनी, किसान सहभागिता, आवागमन, आवास एवं अन्य लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं पर गहन चर्चा की गई। साथ ही स्टार्टअप्स, एग्रीटेक कंपनियों, कृषि वैज्ञानिकों और किसानों के बीच सीधा संवाद स्थापित कर कृषि को लाभकारी, टिकाऊ एवं नवाचार आधारित बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।
ग्राम-2026 केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि कृषि क्षेत्र में नवाचार, तकनीकी उन्नयन और बाजार से सीधे जुड़ाव का सशक्त मंच बनेगा। इस आयोजन के माध्यम से किसानों को ड्रोन तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, प्रिसिजन फार्मिंग, जैविक एवं प्राकृतिक खेती जैसी अत्याधुनिक कृषि तकनीकों और नवाचारों की जानकारी दी जाएगी।
जेईसीसी, सीतापुरा (जयपुर) में 23 से 25 मई तक आयोजित होने वाला यह भव्य एग्रीटेक मीट प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कृषकों, कृषि वैज्ञानिकों, निवेशकों और नीति निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण आयोजन होगा। आयोजन में प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों से 75 हजार से अधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
इस मेगा इवेंट का मुख्य उद्देश्य किसानों, कृषि विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और निवेशकों को एक साझा मंच पर लाकर कृषि क्षेत्र में नवाचार, तकनीकी प्रगति और निवेश को बढ़ावा देना है। आयोजन के माध्यम से आधुनिक कृषि प्रणाली, मूल्य संवर्धन, निर्यातोन्मुख उत्पादन, स्मार्ट सिंचाई, कृषि प्रसंस्करण एवं आधुनिक विपणन व्यवस्थाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।
आयुक्त कृषि नरेश कुमार गोयल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा वैश्विक तकनीकी हस्तांतरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिल्ली, अहमदाबाद, बेंगलुरु और हैदराबाद में रोड शो आयोजित किए गए है, जिससे राजस्थान के कृषि क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है और इन रोड शो में अब तक 1679.77 करोड रूपए के 126 एमओयू प्रस्ताव प्राप्त हुए है।
बैठक में सचिव एवं रजिस्ट्रार सहकारिता डॉ. समित शर्मा, आयुक्त राजस्थान फाउंडेशन मनीषा अरोड़ा, निदेशक जल ग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग कल्पना अग्रवाल, प्रबंध निदेशक राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम सुरेश कुमार ओला, आयुक्त उद्यानिकी श्वेता चौहान, निदेशक कृषि विपणन विभाग राजेश कुमार चौहान, अतिरिक्त निदेशक विपणन सुरेंद्र सिंह यादव, जनरल मैनेजर कृषि विपणन बोर्ड संतोष करौल, उप सचिव कृषि स्नेहा लता सहित कृषि एवं संबंधित विभागों तथा फिक्की के अधिकारी उपस्थित रहें।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश