नागौर, जैसलमेर और चित्तौड़गढ़ के लाइमस्टोन ब्लॉकों से राज्य को मिलेगा हजारों करोड़ का राजस्व
जयपुर, 07 मई (हि.स.)। सरकार ने खनन क्षेत्र में अपने वार्षिक एक्शन प्लान के क्रियान्वयन की शुरुआत करते हुए अप्रैल माह में नौ मेजर मिनरल ब्लॉकों की सफल नीलामी की है। अतिरिक्त मुख्य सचिव, माइंस एवं पेट्रोलियम अपर्णा अरोड़ा ने गुरुवार को सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में बताया कि नागौर, जैसलमेर और चित्तौड़गढ़ जिलों के कुल 1218.43 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले 9 लाइमस्टोन ब्लॉकों की नीलामी की गई है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार इन ब्लॉकों में लगभग 920 मिलियन टन लाइमस्टोन भंडार होने का अनुमान है। इनकी नीलामी से राज्य सरकार को अपफ्रंट पेमेंट की पहली किस्त के रूप में करीब 60 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होगा, जबकि तीन किस्तों में कुल लगभग 300 करोड़ रुपये की आय होगी।
खनन कार्य शुरू होने के बाद अगले 50 वर्षों में राज्य सरकार को इन ब्लॉकों से लगभग 24 हजार करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व मिलने का अनुमान है।
अपर्णा अरोड़ा ने बताया कि 9 मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी के साथ ही विभाग ने खनिज ब्लॉकों के ऑक्शन के लिए तैयार किए गए सालाना एक्शन प्लान को धरातल पर लागू करना शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा कि विभाग तय समयसीमा के अनुसार योजनाओं को लागू करने पर विशेष ध्यान दे रहा है। मार्च माह में कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने विभागीय प्रक्रियाओं को गति देने, टाइमलाइन निर्धारित करने और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली पर जोर दिया था।
मुख्यमंत्री एवं खान मंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा भी समीक्षा बैठकों में राजस्थान को देश के अग्रणी माइनिंग प्रदेश के रूप में स्थापित करने और खनिज खोज से लेकर खनन तक की प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। एसीएस माइंस ने जानकारी दी कि मई में 5 और मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी के लिए निविदाएं जारी की जाएंगी। साथ ही खनिज अन्वेषण कार्य में तेजी, अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई और मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बैठक में खान निदेशक महावीर प्रसाद मीणा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। निदेशक ने वित्तीय वर्ष के पहले ही महीने में 9 ब्लॉकों की नीलामी को विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित