एम्स जोधपुर में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, निदेशक डॉ. गोवर्धन पुरी हटाए गए

 




जोधपुर, 27 सितंबर (हि.स.)। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के प्रयासों से एम्स जोधपुर में चल रही रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल खत्म हो गई। एम्स जोधपुर के डायरेक्टर डॉ.गोवर्धन पुरी को तत्काल प्रभाव से दिल्ली स्थानांतरित कर दिया गया है। उनके स्थान पर एम्स जम्मू के डायरेक्टर डॉ. संजीव सिन्हा को यहां का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। शेखावत ने कहा कि एम्स के सभी विद्यार्थी, जिनकी भावनाएं आहत हुईं थीं, वो कुछ डिमांड्स को लेकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। जोधपुर का प्रतिनिधि होने के नाते मेरी जिम्मेदारी थी कि जोधपुर और आसपास के क्षेत्र के मरीज जिस तरह से प्रभावित हो रहे हैं, इसका कोई मार्ग निकलना चाहिए।

एनेस्थीसिया विभाग के प्रथम वर्ष के रेजिडेंट डॉक्टर राजनरेश यादव का शव 22 सितंबर को मिला था। इसके बाद 24 सितंबर से 450 रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर थे। शनिवार को भी केंद्रीय मंत्री शेखावत ने रेजिडेंट्स से एम्स पहुंचकर बातचीत की थी। रेजिडेंट्स की 'चार्टर ऑफ डिमांड्स' को लेकर शेखावत ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से बातचीत की। शेखावत की रेजिडेंट्स प्रतिनिधियों से भी कई दौर की वार्ता हुई। रविवार दोपहर शेखावत एकबार फिर रेजिडेंट्स डॉक्टरों के बीच पहुंचे और उनकी मांगों को मानने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रेजिडेंट्स की सभी बातों को सरकार ने स्वीकार कर लिया है।

शेखावत ने बताया कि डॉ. पुरी को हटाने के अलावा रेजिडेंट डॉक्टरों पर काम के अत्यधिक तनाव को देखते हुए लगातार ड्यूटी की समय-सीमा अधिकतम 12 घंटे तय करने का निर्णय लिया गया है। छात्रों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए संस्थान के पुस्तकालय को 24 घंटे खुला रखने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। दिल्ली एम्स की तर्ज पर जोधपुर एम्स में भी रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन और छात्र निकाय को प्रशासनिक स्तर पर आधिकारिक मान्यता दी जाएगी, जिससे छात्र अपनी समस्याओं को दैनिक आधार पर प्रशासन के सामने रख सकेंगे। उन्होंने बताया कि दिवंगत डॉ. राजराजेश यादव के परिवार को नियमानुसार अनुग्रह राशि/मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आधिकारिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होते ही कागजी प्रक्रिया पूरी कर सहायता राशि हस्तांतरित की जाएगी।

एम्स जम्मू के डायरेक्टर के पास अतिरिक्त प्रभार रहने के कारण दैनिक प्रशासनिक कार्यों में कोई बाधा न आए, इसके लिए एक विशेष 'स्टॉप-गैप' व्यवस्था लागू की गई है। कार्यभार संभालने के बाद नए कार्यवाहक निदेशक आगामी पांच दिनों के भीतर जोधपुर एम्स के चार वरिष्ठ प्रोफेसरों की उच्चस्तरीय समिति का गठन करेंगे। यह समिति संस्थान में मरीजों के इलाज, छात्रों की शैक्षणिक गतिविधियों, रेजिडेंट्स के कल्याण और परिसर के माहौल को बेहतर बनाने के लिए दैनिक निर्णय लेने का कार्य करेगी।

रेजिडेंट डॉक्टरों के प्रतिनिधियों ने कहा कि हमारी मुख्य मांग डायरेक्टर को हटाने की थी, जिसे सरकार ने मान लिया है। रेजिडेंट्स के कल्याण और वेलफेयर से जुड़ी अन्य मांगों पर भी सहमति बन गई है। अतः हम अपनी हड़ताल और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को तत्काल प्रभाव से समाप्त करते हैं। हड़ताल वापस लेने की घोषणा के साथ ही जोधपुर एम्स की ओपीडी, आपातकालीन सेवाएं, आईसीयू और सामान्य चिकित्सा सेवाएं पूर्ण रूप से सुचारू हो गई हैं। पिछले पांच दिनों से मारवाड़ क्षेत्र और आसपास से आने वाले मरीजों को हो रही परेशानियों को देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत प्रभाव से काम पर लौटकर सेवाओं को गति देने का संकल्प लिया।

केंद्रीय मंत्री शेखावत और एम्स के रेजिडेंट डॉक्टरों व स्टाफ ने दिवंगत रेजिडेंट डॉ. राजनरेश यादव की आत्मा की शांति के लिए मौन रखकर प्रार्थना की। शोक संतप्त परिवार, सहपाठियों और सहकर्मियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित