पंचायत चुनाव से पहले आरक्षण की लॉटरी, कहीं खुला मैदान तो कहीं महिला प्रधान की बारी

 


जयपुर, 23 सितंबर (हि.स.)। राजस्थान में आगामी पंचायतीराज चुनावों को लेकर गांवों की सियासत में हलचल तेज हो गई है। पंचायत समिति प्रधानों से लेकर जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के पदों के आरक्षण की तस्वीर लॉटरी के जरिए साफ हो रही है।

प्रदेश की 457 पंचायत समितियों के प्रधान पदों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया के साथ ही 1403 जिला परिषद सदस्यों और 8245 पंचायत समिति सदस्यों के पदों का आरक्षण भी तय किया जा रहा है। हर श्रेणी में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण रहेगा।

आरक्षण की लॉटरी में इस बार कई सीटों का गणित पूरी तरह बदल जाएगा। पिछली बार जो पंचायत समिति या वार्ड किसी विशेष वर्ग के लिए आरक्षित था, इस बार वह सामान्य वर्ग में जा सकता है। वहीं सामान्य सीट भी आरक्षित हो सकती है।

आरक्षण रोटेशन के आधार पर नए सिरे से तय किया जा रहा है।

प्रधान पदों में अनुसूचित जाति के 79, अनुसूचित जनजाति के 93 और अन्य पिछड़ा वर्ग के 56 पद आरक्षित होंगे। वहीं 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण की सीमा के कारण अन्य पिछड़ा वर्ग के पदों में कुछ फेरबदल की संभावना भी बताई गई है। करीब 228 से 229 प्रधान पद सामान्य श्रेणी में रह सकते हैं।

जयपुर की 22 पंचायत समितियों में केवल चार प्रधान पद अनारक्षित हैं, जबकि छह पद अनारक्षित महिला के लिए रखे गए हैं। उदयपुर की 20 पंचायत समितियों में सिर्फ एक सीट अनारक्षित है, जबकि अनुसूचित जनजाति के लिए आठ सीटें अनारक्षित श्रेणी में आरक्षित हुई हैं।

इस आरक्षण प्रक्रिया ने गांवों में चुनावी गणित बदल दिया है। जिन दावेदारों ने अपनी पंचायत समिति में चुनावी तैयारी शुरू कर दी थी, अब उन्हें आरक्षण की नई तस्वीर के हिसाब से अपनी रणनीति बदलनी पड़ सकती है। आगामी दिनों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के आरक्षण की लॉटरी भी उपखंड स्तर पर होगी।

जयपुर में पंचायत चुनाव का आरक्षण तय, 57 जिला परिषद वार्डों में 28 महिलाओं के लिए

पंचायतीराज चुनाव से पहले जयपुर जिले में आरक्षण की तस्वीर साफ हो गई है। जिला परिषद के 57 वार्डों के आरक्षण में अनुसूचित जाति के 10, अनुसूचित जनजाति के 8 और अन्य पिछड़ा वर्ग के 10 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। शेष 29 वार्ड सामान्य वर्ग के लिए रहेंगे। खास बात यह है कि कुल 57 वार्डों में से 28 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं।

अनुसूचित जाति के महिला आरक्षित वार्डों में 42, 36, 23, 32 और 27 शामिल हैं। अनुसूचित जनजाति में 47, 41, 46 और 44 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हुए हैं। वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग के महिला आरक्षित वार्ड 43, 8, 1, 51 और 10 हैं। सामान्य वर्ग में भी 14 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं, जबकि 15 वार्ड सामान्य पुरुष वर्ग के लिए रहेंगे।

जयपुर जिले की 22 पंचायत समितियों के प्रधान पदों का भी आरक्षण तय किया गया है। इनमें 4 पद अनुसूचित जाति, 3 अनुसूचित जनजाति, 4 अन्य पिछड़ा वर्ग और 11 पद सामान्य श्रेणी के लिए निर्धारित हैं। पंचायतीराज व्यवस्था में सभी श्रेणियों में 50 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित रहने का प्रावधान है।

आरक्षण की नई तस्वीर सामने आते ही चुनावी तैयारियों में जुटे दावेदारों के समीकरण भी बदल गए हैं। रोटेशन के कारण पिछली बार सामान्य रही सीट इस बार आरक्षित हो सकती है और आरक्षित सीट सामान्य वर्ग के लिए खुल सकती है। ऐसे में अब कई दावेदारों को अपने चुनावी क्षेत्र और रणनीति पर नए सिरे से विचार करना होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित