आठ साल की उम्र में गंवाया पैर, अब 19 की उम्र में मिलेगा अर्जुन अवॉर्ड
भरतपुर, 18 अगस्त (हि.स.)। कभी आतिशबाजी के दर्दनाक हादसे में महज 8 साल की उम्र में अपना पैर गंवाने वाले भरतपुर के पैरा शूटर रुद्रांश खंडेलवाल ने अपनी मेहनत और हौसले से खेल जगत में नई पहचान बनाई है। भारत सरकार ने नेशनल स्पोर्ट्स अवॉर्ड्स की अंतिम सूची जारी कर दी है, जिसमें 19 वर्षीय रुद्रांश को अर्जुन अवॉर्ड देने की घोषणा की गई है। खास बात यह है कि इस साल अर्जुन अवॉर्ड पाने वाले खिलाड़ियों में रुद्रांश सबसे युवा चेहरा हैं। उनका नाम सामने आते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई और परिजनों ने इसे वर्षों की मेहनत का फल बताया।
रुद्रांश की मां विनीता खंडेलवाल ने बताया कि करीब आठ महीने पहले अर्जुन अवॉर्ड के लिए उनके बेटे के नाम की सिफारिश की गई थी। अब खेल मंत्रालय की ओर से अंतिम सूची जारी होने के बाद परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है। रुद्रांश फिलहाल दिल्ली में हैं और जल्द ही पुरस्कार प्रदान करने की तारीख घोषित होने की उम्मीद है।
रुद्रांश के चाचा आशुतोष खंडेलवाल के अनुसार, करीब 11 साल पहले एक शादी समारोह के दौरान आतिशबाजी की चपेट में आने से रुद्रांश गंभीर रूप से घायल हो गए थे और इस हादसे में उन्हें अपना पैर गंवाना पड़ा।
हादसे के बाद जिंदगी सामान्य होने में करीब तीन साल लग गए, लेकिन रुद्रांश ने शारीरिक चुनौती को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। परिवार के सहयोग से उन्होंने निशानेबाजी को अपना लक्ष्य बनाया और देखते ही देखते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाना शुरू कर दिया।
रुद्रांश का खेल सफर बेहद कम समय में उपलब्धियों से भर गया। उन्होंने अपने करियर में अब तक चार बार विश्व रिकॉर्ड तोड़े हैं। वर्ष 2023 में 50 मीटर शूटिंग स्पर्धा में वे दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी भी बने। इसके अलावा उन्होंने पेरिस पैरालंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर देश का गौरव बढ़ाया।
आमतौर पर अर्जुन अवॉर्ड के लिए किसी खिलाड़ी के चार साल के अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन को आधार माना जाता है, लेकिन रुद्रांश के खेल करियर को अभी करीब तीन साल ही हुए हैं।
इसके बावजूद उनके असाधारण प्रदर्शन और लगातार शानदार उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया है।
रुद्रांश के नाम अब तक 25 से अधिक अंतरराष्ट्रीय पदक दर्ज हैं। अर्जुन अवॉर्ड के चयन में प्रमुख आधार बने उनके 10 पदकों में छह स्वर्ण और चार रजत पदक शामिल हैं। एशियन गेम्स 2023 में उन्होंने दो रजत पदक जीते। वहीं लीमा वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप में भी दो रजत पदक अपने नाम किए। इसके अलावा ओसिजेक शूटिंग वर्ल्ड कप 2023, नई दिल्ली शूटिंग वर्ल्ड कप 2024 और चांगवोन शूटिंग वर्ल्ड कप 2025 में उन्होंने दो-दो स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का दम दिखाया।
रुद्रांश की इस उपलब्धि के पीछे परिवार का लगातार मिला सहयोग भी अहम रहा। हादसे के बाद मुश्किल दौर से गुजरने के बावजूद परिवार ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और रुद्रांश ने निशानेबाजी को अपना जुनून बनाकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर तय किया।
अर्जुन अवॉर्ड के लिए रुद्रांश के नाम की सिफारिश चयन समिति की ओर से की गई थी। समिति में भारतीय ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष गगन नारंग, पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी अपर्णा पोपट और पूर्व हॉकी खिलाड़ी एम.एम. सोमाया सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
समिति की सिफारिश के बाद केंद्र सरकार के खेल मंत्रालय ने मंगलवार को नेशनल स्पोर्ट्स अवॉर्ड्स की अंतिम सूची जारी की और रुद्रांश के अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किए जाने पर मुहर लग गई।
आठ साल की उम्र में हादसे से जिंदगी बदलने वाले रुद्रांश ने महज 19 साल की उम्र में अपने प्रदर्शन से देशभर में पहचान बनाई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित