पाठकों को रास आ रहा चित्तौड़ का रीडर्स क्लब, मोबाइल छोड़ किताब पढ़ने की दे रहे सलाह, ताकि रात को आए सुकून की नींद

 


चित्तौड़गढ़, 13 अप्रैल (हि.स.)। वर्तमान में युवा हो या बड़े या फिर बच्चे, सभी में मोबाइल की लत बढ़ती जा रही है। इसके अब नुकसान भी सामने आने लगे है। सबसे बड़ी बात यह कि ज्यादा मोबाइल देखने से आंखों नींद उड़ रही है। वर्तमान में मोबाइल से जहां युवा पीढ़ी की आंखों पर प्रतिकूल असर हो रहा है वहीं प्राकृतिक रूप से पुस्तकें नींद लाने में भी सहायक है। पुस्तकों के पढ़ने से कल्पना शक्ति और विचार तेज होते है। इसी सोच के साथ चित्तौड़गढ़ में शुरू किया गया रीडर्स क्लब पुस्तक एवं साहित्य प्रेमियों को खासा रास आ रहा है। बिजली विभाग के एक कर्मचारी के पुस्तक पढ़ने के जुनून ने अपने ही स्तर पर लाइब्रेरी बना दी और महज 3 साल के इस सफर में वर्तमान में 1500 से अधिक पुस्तकें और 180 सदस्य निशुल्क पुस्तकों का अध्ययन कर रहे है। इससे युवा पीढ़ी को भी पुस्तकें पढ़ने का लाभ मिल रहा है। वहीं कई लोग हर दिन पुरानी पुस्तक जमा करा कर पुस्तक पढ़ने का आनन्द ले पा रहे है।

बिजली विभाग चित्तौड़गढ़ में कार्यरत सहायक राजस्व अधिकारी नवीन शर्मा ने बताया कि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी लगातार मोबाइल की लत में धंसती चली जा रही है और पुस्तकें पढ़ने का शौक लगातार कम हो रहा है। जहां मोबाइल से आंखों, दिमाग और विचारों पर प्रतिकूल असर हो रहा है। वहीं वे अब रीडर्स क्लब के माध्यम से पुनः लोगों को पुस्तक पढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे है। वर्ष 2022 में शुरू किए उनके इस अभियान में शहर के कई लोग जुड़े, जिनमें सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारी भी शामिल हैं। शर्मा ने बताया कि उन्होंने अपने पुस्तक पढ़ने के इस जुनून को शौक में तब्दील किया और अब लोगों को भी पुस्तकें पढ़ा कर लाभान्वित कर रहे है। उन्होंने बताया कि बचपन से ही उन्हें किताबें पढ़ने का शौक रहा और दिसम्बर 2020 में क्रांतिदूत पुस्तकों की श्रृंखला आई। इन्हें पढ़ने के बाद अपने दाेस्तों को भी पढ़ने के लिए दी। इससे धीरे-धीरे दोस्तों को रूचि जागृत हुई और यह शौक जुनून में तब्दील हो गया।

उन्होेंने बताया कि थोड़े ही दिनों में उनके पास 200 पुस्तकें एकत्र हो गई। इस पर उन्होंने अपने ही स्तर पर सेवानिवृत कर्मचारियों के साथ मिल कर लाइब्रेरी की स्थापना कर दी। कुछ समय के लिए शुल्क रखा था लेकिन जब पुस्तकों की संख्या काफी बढ़ गई तो दो साल से कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा। आज उसके पास 1500 से अधिक पुस्तकें है और 100 सक्रिय सदस्यों के साथ कुल 180 सदस्य है। रीडर्स क्लब के सदस्य उनके कार्यालय पर आकर पुस्तक ले जाते हैं तथा पढ़ने के बाद पुनः जमा करवा जाते हैं।

शर्मा ने बताया कि वर्तमान में उसके पास धर्म, साहित्य, कविता, प्रेरणास्पद पुस्तकें, व्यंग्य लेख और अंग्रेजी साहित्य भी उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि दाे साल तक शुरु में शुल्क से पुस्तकें उपलब्ध कराते थे लेकिन अब वह निशुल्क पुस्तकें उपलब्ध करा रहे है। कोई भी व्यक्ति कार्यालय समय में विद्युत विभाग में आकर पुस्तकें प्राप्त कर सकता है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अखिल