आरबीएसके 2.0 पोर्टल पर डूंगरपुर जिला राज्य में प्रथम

 


डूंगरपुर, 19 अगस्त (हि.स.)। जिले में बच्चों के स्वास्थ्य सुधार की दिशा में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मोबाइल हेल्थ टीमों के प्रयासों से जरूरतमंद बच्चों को समय पर उच्च स्तरीय और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। डिजिटल नवाचार और प्रबंधन के दम पर जुलाई माह में डूंगरपुर जिला आरबीएसके 2.0 पोर्टल पर पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर रहा।

निठाउवा क्षेत्र के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल निठाउवा गामड़ी में स्वास्थ्य जांच के दौरान 15 वर्षीय छात्र प्रकाश चंद मीणा में अत्यधिक थकान, कमजोरी और चलने में असमर्थता के लक्षण मिले। आरबीएसके मोबाइल टीम के डॉक्टर महेंद्र शर्मा और फार्मासिस्ट मयंक पंड्या ने जांच की तो उसका हीमोग्लोबिन स्तर 4.2 पाया गया। गंभीर एनीमिया से पीड़ित छात्र के पैरों में सूजन थी और वह मुश्किल से स्कूल आ पा रहा था।

टीम ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 108 एंबुलेंस की मदद से छात्र को जिला अस्पताल रेफर किया। परिजनों को बताया गया कि सरकारी योजना के तहत एंबुलेंस, रक्त और संपूर्ण उपचार निःशुल्क उपलब्ध है। जिला अस्पताल में समय पर रक्त चढ़ाया गया, जिसके बाद छात्र के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अलंकार गुप्ता, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, डूंगरपुर ने बताया कि आरबीएसके कार्यक्रम के माध्यम से हर बच्चे की स्वास्थ्य स्थिति को सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस से जोड़ना विभाग का मुख्य उद्देश्य है। इससे एनीमिया, कुपोषण, जन्मजात विकारों या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त बच्चों की ट्रैकिंग कर समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने अभिभावकों से 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों में स्वास्थ्य समस्या होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर आरबीएसके टीम से संपर्क करने की अपील की।

जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी एवं नोडल अधिकारी आरबीएसके डॉ. लोकेश कुमार परमार, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, डूंगरपुर ने बताया कि मैदानी स्तर से लेकर जिला अस्पतालों तक की स्क्रीनिंग और उपचार का डेटा आरबीएसके 2.0 पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज किया जाता है।

अतिरिक्त जिला नोडल अधिकारी डॉ. मनीषा डामोर, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, डूंगरपुर ने बताया कि अप्रैल से जुलाई तक जिले में 77,436 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें से 3,430 गंभीर बच्चों को रेफर किया गया और 3,284 का सफल उपचार किया गया। कार्यक्रम के तहत जन्मजात हृदय रोग, कटे होंठ-तालू, दंत रोग और किशोरावस्था से जुड़ी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का निःशुल्क उपचार किया जा रहा है। डूंगरपुर में अब तक हृदय रोग के दो ऑपरेशन किए जा चुके हैं, जबकि सितंबर में 12 और ऑपरेशन किए जाने की योजना है। आयुष चिकित्सकों, फार्मासिस्टों और एएनएम की टीमें कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटी हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष