राजस्थान बोर्ड ने दस्तावेजों में संशोधन प्रक्रिया की आसान, अब एक वर्ष के भीतर करा सकेंगे सुधार
अजमेर, 16 जून (हि.स.)। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (आरबीएसई) ने विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए कक्षा 10वीं और 12वीं की अंकतालिकाओं तथा प्रमाण-पत्रों में संशोधन की प्रक्रिया को सरल बना दिया है। नए नियमों के तहत अब विद्यार्थी परीक्षा परिणाम घोषित होने के एक वर्ष के भीतर अपने नाम, माता-पिता के नाम, उपनाम, स्पेलिंग संबंधी त्रुटियों और जन्मतिथि में सुधार के लिए आवेदन कर सकेंगे।
बोर्ड की ओर से जारी आदेश के अनुसार दस्तावेजों में संशोधन के लिए निर्धारित समय सीमा परिणाम घोषित होने की तिथि से एक वर्ष होगी। इस अवधि के बाद किसी भी प्रकार के संशोधन संबंधी आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि नाम, उपनाम और वर्तनी (स्पेलिंग) संबंधी त्रुटियों के सुधार के लिए भी एक वर्ष की समय सीमा लागू होगी। इसके साथ ही बोर्ड ने वर्ष 2021 और 2023 में इस संबंध में जारी पूर्व आदेशों को निरस्त कर दिया है। नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
संशोधन प्रक्रिया के लिए विद्यालय के मूल अभिलेखों को ही आधार माना जाएगा। इनमें स्कॉलर रजिस्टर, प्रवेश आवेदन पत्र और स्थानांतरण प्रमाण-पत्र (टीसी) प्रमुख दस्तावेज होंगे। विशेष रूप से जन्मतिथि में संशोधन के लिए इन तीनों दस्तावेजों का प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य होगा।
बोर्ड के अनुसार आधार कार्ड और जन्म प्रमाण-पत्र को केवल सहायक दस्तावेज के रूप में माना जाएगा। अंतिम निर्णय विद्यालयी अभिलेखों के आधार पर ही लिया जाएगा।
बोर्ड के इस निर्णय से उन विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी, जिनके शैक्षणिक दस्तावेजों में नाम, माता-पिता के नाम अथवा जन्मतिथि संबंधी त्रुटियां रह गई थीं और जिनके कारण उन्हें उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं तथा अन्य सरकारी प्रक्रियाओं में परेशानी का सामना करना पड़ता था।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष