वाराणसी से भरतपुर राजस्थान में पहुंची संत रविदास कलश यात्रा
भरतपुर, 30 जुलाई (हि.स.)। संत रविदास महाराज की जन्मस्थली वाराणसी से प्रारंभ हुई पावन कलश यात्रा ने गुरुवार को भरतपुर के रास्ते राजस्थान में प्रवेश किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा स्वयं कलश लेकर भरतपुर पहुंचे। राजस्थान सीमा के ऊंचा नगला क्षेत्र में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कलश यात्रा का भव्य स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा और उत्साह का वातावरण देखने को मिला। स्वागत के बाद कलश यात्रा को जयपुर के लिए रवाना किया गया। आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार, जयपुर में कलश की स्थापना के बाद इसे प्रदेश के विभिन्न जिलों और गांवों तक ले जाकर संत रविदास महाराज के सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे के संदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि संत रविदास महाराज ने सदियों पहले समाज को समानता, सद्भाव और मानवता का संदेश दिया था, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि समाज को जाति और भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।
वहीं उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि 29 जुलाई को वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम के बाद संत रविदास महाराज की जन्मभूमि से कलश यात्रा विभिन्न राज्यों के लिए रवाना की गई। राजस्थान के लिए निकला कलश गुरुवार को भरतपुर के रास्ते प्रदेश में पहुंचा, जहां जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने पारंपरिक तरीके से उसका स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का संदेश लेकर चल रही है। आने वाले दिनों में कलश यात्रा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजरेगी, जिससे संत रविदास महाराज के आदर्श और विचार अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / भरतपुर