बीकानेर हाउस में ‘राजस्थान उत्सव’ की रंगत, लोकगीत और कथक ने बांधा समां
जयपुर, 23 मार्च (हि.स.)। राजधानी दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस में आयोजित 11 दिवसीय राजस्थान उत्सव इन दिनों अपनी रंगारंग प्रस्तुतियों के चलते दर्शकों को खासा आकर्षित कर रहा है। 25 मार्च तक चलने वाले इस उत्सव में राजस्थानी लोक संस्कृति, संगीत और नृत्य की जीवंत झलक देखने को मिल रही है।
उत्सव के अंतर्गत राजस्थान पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित सांस्कृतिक संध्या ‘रंगत’ में बाड़मेर से आए प्रसिद्ध लोक कलाकार मगडा खान और उनके 12 सदस्यीय दल ने अपने सुरों का जादू बिखेरा। पारंपरिक राजस्थानी लोकगीतों की मधुर प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। खास बात यह रही कि कलाकारों ने दर्शकों की फरमाइश पर भी गीत प्रस्तुत किए, जिससे माहौल और अधिक जीवंत हो उठा। इसी कड़ी में दिल्ली के श्रीराम भारतीय कला केन्द्र की कथक कलाकारों सुकृति अग्रवाल और भीतिका रहेजा ने विश्व प्रसिद्ध कथक गुरु पंडित बिरजू महाराज द्वारा रचित ‘इठलाती-बलखाती’ पर मनमोहक प्रस्तुति दी। उनकी भाव-भंगिमाओं और लयबद्ध कदमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दर्शक इस आकर्षक प्रस्तुति को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए।
उत्सव में केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि राजस्थानी हस्तशिल्प और खानपान का भी भरपूर आकर्षण देखने को मिला। राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) और राजस्थान हस्तशिल्प विकास निगम (रूडा) द्वारा लगाए गए स्टॉल्स पर पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पादों की जमकर खरीदारी हुई। वहीं फूड कोर्ट में दाल-बाटी-चूरमा, कचौरी और अन्य राजस्थानी व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग उमड़े।
उत्सव के आगामी तीन दिनों में भी दर्शकों के लिए खास आयोजन प्रस्तावित हैं। इनमें कठपुतली शो, फैशन शो ‘ढोला-मूमल’, लोक नृत्य-गायन प्रतियोगिता, साफा बंधन, थ्री लेग रेस, रूमाल झपट्टा और रस्साकशी जैसी पारंपरिक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
इन प्रतियोगिताओं में सभी आयु वर्ग के लोग निःशुल्क पंजीकरण कर भाग ले सकेंगे, और विजेताओं को सम्मानित भी किया जाएगा।
बीकानेर हाउस में सजा यह राजस्थान उत्सव राजधानी दिल्ली में मरुधरा की समृद्ध संस्कृति, कला और परंपराओं का जीवंत उत्सव बन गया है, जो हर दिन नए रंगों के साथ दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित