राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026 लागू, निवेश और रोजगार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

 


जयपुर, 24 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार ने तकनीकी और औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए “राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026” जारी की है। इस नीति का उद्देश्य प्रदेश को वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना है, जिससे निवेश, रोजगार, कौशल विकास और तकनीकी नवाचार को नई गति मिलेगी।

सरकार का लक्ष्य राजस्थान को सेमीकंडक्टर निर्माण, असेम्बली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग तथा आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेम्बली एंड टेस्ट के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है।

यह नीति इलेक्ट्रॉनिक्स, दूरसंचार, ऑटोमोबाइल, रक्षा और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा करेगी।

यह नीति केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि अनुसंधान, डिजाइन, निर्माण, परीक्षण और पैकेजिंग सहित पूरी वैल्यू-चेन को कवर करती है। इसके तहत जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र, कांकणी औद्योगिक क्षेत्र सहित अन्य क्लस्टर्स को सेमीकंडक्टर कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही, निवेशकों को सिंगल विंडो सिस्टम, भूमि आवंटन और बिजली-पानी जैसी आधारभूत सुविधाएं तेजी से उपलब्ध कराई जाएंगी।

नीति के तहत निवेश आकर्षित करने के लिए कई विशेष प्रावधान किए गए हैं।

इसमें 7 वर्षों तक बिजली शुल्क में 100% छूट, स्टाम्प शुल्क व भूमि रूपांतरण शुल्क में 75% छूट, पूंजी निवेश पर 25% पुनर्भरण, टर्म लोन पर 5% ब्याज अनुदान, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत 60% तक पूंजी सब्सिडी, पर्यावरण संतुलन पर भी फोकस शामिल है।

सरकार ने औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी है। इसके तहत पात्र उद्योगों को पर्यावरणीय परियोजनाओं पर 50% तक पुनर्भरण, ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए बिजली शुल्क में छूट और ग्रीन रेटिंग सिस्टम के तहत रियायतें दी जाएंगी।

केंद्र सरकार की इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन और “मेक इन इंडिया” जैसी पहलों के साथ यह नीति प्रदेश को तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी बनाने में सहायक होगी। राज्य सरकार का मानना है कि इस नीति के जरिए राजस्थान न केवल निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बनेगा, बल्कि युवाओं के लिए उच्च तकनीक आधारित रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित