राजस्थान में उद्योगों का नया प्रदूषण आधारित वर्गीकरण लागू

 


जयपुर, 06 अगस्त (हि.स.)। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (आरएसपीसीबी) ने उद्योगों और होटल-रिसॉर्ट के लिए प्रदूषण आधारित नया वर्गीकरण लागू किया है। नए वर्गीकरण के तहत उद्योगों को रेड, ऑरेंज, ग्रीन और ब्ल्यू श्रेणियों में रखा जाएगा, जिससे पर्यावरणीय स्वीकृतियों की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो सकेगी।

राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के सदस्य सचिव कपिल चंद्रवाल ने बताया कि पर्यावरण संबंधी नियम पहले की तरह ही लागू रहेंगे। नए वर्गीकरण का उद्देश्य केवल उद्योगों की श्रेणी स्पष्ट करना है, ताकि उन्हें आवेदन प्रक्रिया, शुल्क और पर्यावरणीय मानकों की जानकारी पहले से उपलब्ध हो सके। उन्होंने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की गाइडलाइन के अनुरूप राज्य में कई उद्योगों की श्रेणी में संशोधन किया गया है। पहले रेड श्रेणी में शामिल कुछ उद्योगों को अब ऑरेंज श्रेणी में रखा गया है, जिससे उन पर अनुपालन संबंधी औपचारिकताओं का बोझ कम होगा और कारोबार करना आसान होगा।

चंद्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य उद्योगों, स्टार्टअप और निवेश को बढ़ावा देना है। नई व्यवस्था से राजस्थान के उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी। नए वर्गीकरण में होटल एवं रिसॉर्ट क्षेत्र को भी राहत दी गई है। अब केवल 300 या उससे अधिक बिस्तरों की क्षमता वाले होटल और रिसॉर्ट ही रेड श्रेणी में आएंगे। ऐसे प्रतिष्ठानों को पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए मंडल के मुख्यालय या क्षेत्रीय कार्यालय में आवेदन करना होगा। इससे छोटे होटल एवं रिसॉर्ट संचालकों को राहत मिलेगी।

नई सूची के अनुसार रेड श्रेणी में 144, ऑरेंज श्रेणी में 159 तथा ग्रीन श्रेणी में 116 प्रकार के औद्योगिक क्षेत्र शामिल किए गए हैं। इनमें सीमेंट, सिरेमिक, डेयरी, सीबीजी एवं बायो-सीएनजी संयंत्र, ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग, अस्पताल, होटल एवं रिसॉर्ट, निर्माण परियोजनाएं, बैटरी निर्माण, डिस्टिलरी, धातु प्रसंस्करण, औद्योगिक पार्क और अपशिष्ट उपचार इकाइयां शामिल हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर