डिजिटल पर्यटन में मॉडल प्रदेश बना राजस्थान, ओबीएमएस से ‘पधारो म्हारे देस’ अब ऑनलाइन
जयपुर, 04 मई (हि.स.)। अपनी ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक समृद्धि और पर्यटन विविधता के लिए विश्वभर में पहचान रखने वाला राजस्थान अब डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में भी नई मिसाल कायम कर रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार ने पर्यटन सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए राजस्थान को डिजिटल पर्यटन के क्षेत्र में देश का अग्रणी मॉडल प्रदेश बना दिया है।
सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग द्वारा विकसित ऑनलाइन बुकिंग मैनेजमेंट सिस्टम (ओबीएमएस) देश का पहला और एकमात्र सरकारी मल्टी-साइट ऑनलाइन टिकटिंग प्लेटफॉर्म बनकर उभरा है। इस पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से पर्यटक अब राजस्थान के प्रमुख पर्यटन, सांस्कृतिक और वन्यजीव स्थलों की टिकट बुकिंग एक क्लिक पर कर सकते हैं।
ओबीएमएस पोर्टल (obms-tourist.rajasthan.gov.in) और मोबाइल ऐप के जरिए आमेर किला, हवा महल, जंतर-मंतर, सरिस्का टाइगर रिजर्व, झालाना लेपर्ड सफारी, नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क, संग्रहालय, उद्यान, होटल्स, कैफेटेरिया, बोटिंग और लाइट एंड साउंड शो सहित 100 से अधिक स्थलों की ऑनलाइन टिकटिंग सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।
यह प्लेटफॉर्म पर्यटकों के लिए वन-स्टॉप डिजिटल सेंटर की तरह कार्य कर रहा है, जहां क्यूआर आधारित ई-टिकटिंग, कैशलेस और पेपरलेस सुविधा, डिजिटल बोर्डिंग पास, ऑडियो गाइड, स्मार्ट सर्च, इंटरएक्टिव मैप, रियल-टाइम डैशबोर्ड, ऑनलाइन शिकायत निवारण और आसान रिफंड जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
ओबीएमएस की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 28 दिसंबर 2025 को एक ही दिन में करीब एक लाख टिकट बुकिंग का रिकॉर्ड दर्ज किया गया। अब तक 90 लाख से अधिक बुकिंग्स के माध्यम से 3 करोड़ से अधिक पर्यटकों को सेवाएं दी जा चुकी हैं, जिनमें 70 से अधिक देशों के विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं।
इस डिजिटल पहल से राज्य सरकार को 30 करोड़ रुपये से अधिक अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ है। ओबीएमएस की सफलता को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया और वर्ष 2025 में इसे स्कॉच अवॉर्ड में सिल्वर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
राजस्थान सरकार अब इस प्लेटफॉर्म का विस्तार करने जा रही है। जल्द ही आरटीडीसी होटलों की ऑनलाइन बुकिंग और जवाहर कला केंद्र के कार्यक्रमों की टिकट सुविधा भी इससे जुड़ जाएगी। साथ ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के राजस्थान से बाहर स्थित 150 से अधिक स्थलों को भी इस प्लेटफॉर्म से जोड़ने की प्रक्रिया जारी है।
राज्य सरकार की यह अभिनव पहल पर्यटन सेवाओं में पारदर्शिता, सुगमता और दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ रोजगार सृजन और अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान डिजिटल सुशासन और स्मार्ट पर्यटन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित