मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, विकास परियोजनाएं तय समयसीमा में पूरी करें

 


जयपुर, 20 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विकास परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा कर जनता को समय पर लाभ पहुंचाना राज्य सरकार और प्रत्येक कार्मिक की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा अधिकारियों को जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित 'राज उन्नति' की सातवीं समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में सात विभागों की लगभग 15 हजार 890 करोड़ रुपये लागत की परियोजनाओं के साथ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, पंच गौरव योजना तथा ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही पूर्व बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन का भी आकलन किया गया।

उन्होंने जयपुर उत्तरी रिंग रोड परियोजना की समीक्षा करते हुए वन विभाग और रेलवे से समन्वय स्थापित कर लंबित मुद्दों का शीघ्र समाधान करने तथा निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए। लगभग 11 हजार 700 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना जयपुर में यातायात का दबाव कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने पंच गौरव योजना की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव को इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने तथा योजना का प्रभावी विस्तार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले के स्थानीय उत्पाद, पर्यटन, खेल, वनस्पति एवं अन्य विशिष्टताओं के समग्र विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। जिन जिलों में योजना की प्रगति धीमी है, उन्हें लक्ष्य प्राप्ति में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (आरयूएचएस) को राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) के रूप में विकसित करने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि दिसंबर तक सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का लोकार्पण सुनिश्चित किया जाए। प्रथम चरण में लगभग 140 करोड़ रुपये की लागत से आठ सुपर स्पेशियलिटी विभाग विकसित किए जाएंगे।

बैठक में राइजिंग राजस्थान समिट के तहत हुए निवेश समझौतों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन निवेशकों ने एमओयू के अनुरूप कार्य प्रारंभ कर दिया है, उनका सम्मान किया जाए तथा अन्य निवेशकों को भी शीघ्र परियोजनाएं शुरू करने के लिए प्रेरित किया जाए।

महिला सशक्तीकरण की समीक्षा करते हुए उन्होंने राजीविका से जुड़ी महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों के प्रभावी विपणन के लिए प्रत्येक जिले के हाट बाजारों, राजस्थान हाउस, बीकानेर हाउस, जवाहर कला केन्द्र सहित प्रमुख स्थलों पर विपणन व्यवस्था विकसित करने तथा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का अधिक उपयोग करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से मिलना चाहिए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने जनसुनवाई और सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज परिवादों की भी समीक्षा की। प्रतापगढ़ जिले में राजीविका से जुड़ी महिलाओं की शिकायत पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। विभाग द्वारा संबंधित ब्लॉक परियोजना प्रबंधक की अनुबंध आधारित सेवाएं समाप्त किए जाने की जानकारी भी दी गई। बूंदी जिले में प्रसूति सहायता योजना के लाभ में देरी के मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।

उन्होंने जामडोली स्थित राजकीय बौद्धिक दिव्यांग बालिका गृह सहित प्रदेश के सभी दिव्यांग गृहों में सुविधाओं की समीक्षा कर सुरक्षा, बायोमैट्रिक उपस्थिति और अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों की जीपीएस एवं फोटो आधारित निगरानी, दवाओं की उपलब्धता और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव, संभागीय आयुक्त एवं जिला कलक्टर भी जुड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'राज उन्नति' बैठक के माध्यम से प्रमुख परियोजनाओं की नियमित समीक्षा कर समस्याओं का वास्तविक समय में समाधान किया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव