सर्वदा विजयी भव के संकल्प के साथ सप्त शक्ति कमांड का स्थापना दिवस आयोजित
जयपुर, 15 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय सेना की पश्चिमी सीमाओं की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाली सप्त शक्ति कमांड ने जयपुर मिलिट्री स्टेशन में अपना 22वां स्थापना दिवस गरिमापूर्ण ढंग से मनाया। वर्ष 2005 में स्थापित यह कमान भारतीय सेना की सबसे युवा कमान मानी जाती है, जिसने कम समय में ही अपनी विशिष्ट पहचान और गौरवशाली विरासत स्थापित की है।
इस अवसर पर आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने कमान के सभी अधिकारियों, जवानों, पूर्व सैनिकों, रक्षा कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कमान की सफलता सैनिकों के निस्वार्थ समर्पण, साहस और बलिदान का परिणाम है, जिसने इसे सफलता के शिखर तक पहुंचाया है।
जनसंपर्क अधिकारी (रक्षा) लेफ्टिनेंट कर्नल निखिल धवन के अनुसार, पिछले 22 वर्षों में सप्त शक्ति कमांड ने ‘सर्वदा विजयी भव’ के अपने आदर्श वाक्य के अनुरूप कार्य करते हुए पश्चिमी सीमाओं पर सुदृढ़ और प्रभावी सैन्य व्यवस्था स्थापित की है। कमान ने आधुनिक रणनीतियों, तकनीकों और प्रशिक्षण के माध्यम से उच्च स्तर की परिचालन तत्परता बनाए रखी है।
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में प्रेरणा स्थल पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल पी.एस. शेखावत ने वीर शहीदों को नमन किया। इस दौरान पूर्व सैनिकों की उपस्थिति में राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम के तहत जयपुर मिलिट्री स्टेशन और जवाहर कला केंद्र में सिम्फनी बैंड कॉन्सर्ट का आयोजन भी किया गया, जिसमें देशभक्ति से ओतप्रोत धुनों ने सैनिकों और नागरिकों में उत्साह का संचार किया।
विशेष सैनिक सम्मेलन में चीफ ऑफ स्टाफ ने सभी रैंकों को संबोधित करते हुए बदलती चुनौतियों के अनुरूप नई रणनीतियों को अपनाने, बहु-क्षेत्रीय समन्वय बढ़ाने और परिचालन दक्षता को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। उन्होंने कमान को निरंतर समर्थन देने वाले परिवारों, पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी सैनिकों से राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा के संकल्प को और मजबूत करने का आह्वान किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश