शिक्षकों की लंबित वित्तीय मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग, सचिव स्तरीय वार्ता में महासंघ ने उठाए कई मुद्दे

 


जयपुर, 04 नवंबर (हि.स.)। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री कार्यालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा से सचिव स्तरीय वार्ता की। इसमें शिक्षकों की लंबित वित्तीय मांगों, वेतन विसंगतियों, स्थानांतरण और संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण सहित विभिन्न समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग उठाई गई।

संगठन ने वार्ता को सकारात्मक बताते हुए कहा कि अतिरिक्त मुख्य सचिव ने मांगों और सुझावों पर सकारात्मक रुख रखते हुए शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया।

संगठन के प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने वार्ता में बताया कि महासंघ प्रदेश के लगभग तीन लाख शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करता है। संगठन शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थियों के हित में कार्य करने के साथ शैक्षिक नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने शिक्षा विभाग से संबंधित विभिन्न मांगों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने समग्र शिक्षा के अंतर्गत परिषद मुख्यालय, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के चार माह के बकाया वेतन का भुगतान दीपावली से पूर्व करवाने की मांग रखी। इसके लिए एसएनए स्पर्श खाते से पीडी खाते में राशि हस्तांतरित करने की वित्तीय स्वीकृति शीघ्र जारी करवाने का आग्रह किया गया। इसके साथ ही सरकारी विद्यालयों में पोषाहार बनाने वाले रसोइयों एवं सहायकों के लंबित मानदेय, कन्वर्जन राशि तथा दूध और चीनी की राशि का तत्काल भुगतान करवाने की मांग भी उठाई गई।

वार्ता में टीएसपी क्षेत्र में कार्यरत तृतीय एवं द्वितीय श्रेणी शिक्षकों के गैर-टीएसपी क्षेत्र में समायोजन तथा गैर-टीएसपी क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों को उनके गृह जिलों में स्थानांतरित करने की मांग की गई। शिक्षकों से की जा रही विभिन्न प्रकार की वसूली रोकने और उन्हें वेतन संरक्षण देने, तृतीय श्रेणी शिक्षकों एवं प्रबंधकों की वेतन विसंगतियां दूर करने तथा 33 हजार संविदा शिक्षकों को प्रबोधकों की भांति नियमित करने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने का आग्रह किया गया।

महासंघ ने 31 दिसंबर के बाद नियुक्त शिक्षकों को न्यायालय के निर्णय के अनुसार प्रथम नियुक्ति तिथि से ग्रीष्मावकाश सहित सभी देय परिलाभ देने की मांग रखी। वेतन व्यवस्था वाले शिक्षकों को शहरी मकान किराया भत्ता देने के मामले में वसूली रोकने, सेवारत शिक्षकों को बीएड के दौरान इंटर्नशिप अवधि का पूर्ण वेतन देने तथा वसूली संबंधी आदेश वापस लेने की मांग भी उठाई गई। इसके अतिरिक्त शिक्षक कल्याण बोर्ड के गठन का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने की मांग की गई।

शिक्षा विभाग में माध्यमिक शिक्षा के स्टाफिंग पैटर्न के तहत पदों की स्वीकृति के लिए वित्त विभाग को भेजी गई पत्रावली का अनुमोदन करवाने की मांग भी वार्ता के प्रमुख मुद्दों में शामिल रही।

प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने सचिव स्तरीय वार्ता को सफल बताते हुए कहा कि अतिरिक्त मुख्य सचिव ने शिक्षकों की मांगों और संगठन के सुझावों पर सकारात्मक रुख रखा तथा वित्तीय मांगों के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा, प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा, संगठन मंत्री उमराव लाल वर्मा और अतिरिक्त महामंत्री बसंत जिंदल उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित