रेलवे सुरक्षा को लेकर एजेंसियां होंगी और एकजुट: तस्करी-चोरी से लेकर साइबर अपराध पर बनेगी संयुक्त रणनीति

 


जयपुर, 28 सितंबर (हि.स.)। बढ़ते रेल यातायात और आधुनिक होते रेलवे स्टेशनों के मद्देनजर राजस्थान में रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। जीआरपी, आरपीएफ, आईबी, डीएफसीसी और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर समन्वय, संयुक्त प्रशिक्षण, त्वरित सूचना साझा करने और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है।

पुलिस मुख्यालय में सोमवार को स्टेट लेवल सिक्योरिटी कमेटी फॉर रेलवेज (एसएलएससीआर) की बैठक हुई। अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) संजय कुमार अग्रवाल ने की। उन्होंने कहा कि राजस्थान से बड़ी संख्या में ट्रेनें गुजरती हैं और रोजाना लाखों यात्री सफर करते हैं। ऐसे में रेलवे सुरक्षा का सीधा संबंध समग्र सुरक्षा व्यवस्था से है।

बैठक में ड्रग्स तस्करी, जहरखुरानी, साइबर अपराध, बाल तस्करी, एससी-एसटी से जुड़े अपराध, भीड़ प्रबंधन, पथराव, ट्रेनों को डिरेल करने की साजिश और यात्रियों के सामान चोरी जैसे मामलों पर संयुक्त कार्रवाई की रणनीति बनाने पर जोर दिया गया। रेलवे कॉरिडोर में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए भी समन्वित अभियान चलाने पर चर्चा हुई।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेलवे सुष्मित विश्वास ने बताया कि अमृत भारत योजना के तहत स्टेशनों के पुनर्विकास के साथ सुरक्षा ढांचे को भी आधुनिक बनाया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में रेलवे क्षेत्र में बीएनएस के तहत अपराधों में 25 प्रतिशत और चोरी के मामलों में 35 प्रतिशत कमी आई है।

बैठक में रेलवे स्टेशनों के वेंडर्स का शत-प्रतिशत सत्यापन, सीसीटीवी कवरेज बढ़ाने, पार्सल व बैग स्कैनर के अधिक इस्तेमाल तथा अनधिकृत प्रवेश-निकास के रास्तों को बंद करने पर जोर दिया गया। संवेदनशील रेलवे सेक्शन और परिसंपत्तियों के चिन्हीकरण, सीमावर्ती व रक्षा क्षेत्रों के रेल मार्गों को प्राथमिकता और नियमित संयुक्त सुरक्षा समीक्षा पर भी चर्चा हुई।

बैठक में उत्तर मध्य रेलवे, उत्तर पश्चिम रेलवे, पश्चिम मध्य रेलवे, डीएफसीसी, राज्य विशेष शाखा, आईबी, आरपीएफ और जीआरपी के वरिष्ठ अधिकारियों सहित प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त प्रदीप कुमार गुप्ता, ज्योति कुमार सतीजा, राजीव कुमार यादव, डीएफसीसी के जितेन्द्र श्रीवास्तव, डीआईजी मनीष अग्रवाल, आईबी की उप निदेशक प्रीति मलिक, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त अमित प्रकाश मिश्र तथा जीआरपी अजमेर के एसपी नरेन्द्र सिंह और जोधपुर के एसपी केवल राम ने विचार रखे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश