गंगापुर सिटी क्षेत्र में आंदोलन के दौरान रेल यातायात प्रभावित करने के मामले में प्रशासन सख्त, साक्ष्य जुटाकर हो रही पहचान
काेटा, 17 जून (हि.स.)। पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर खण्डीप गांव में चल रहे किसानों एवं ग्रामीणों के आंदोलन के दौरान रेलवे संचालन में बाधा पहुंचाने के मामलों में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। आंदोलन के दौरान समपार फाटक संख्या-192 (एलसी-192) के समीप बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने, रेलवे क्षेत्र में अनधिकृत प्रवेश करने तथा रेल यातायात को प्रभावित करने के प्रयासों के बाद संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पश्चिम मध्य रेलवे के काेटा मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि रेल संचालन में अवरोध उत्पन्न करने, रेलवे ट्रैक एवं रेलवे क्षेत्र में अवैध प्रवेश करने तथा यात्री सुरक्षा को खतरे में डालने जैसी गतिविधियों को गंभीर अपराध मानते हुए रेलवे अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत धारा 145, 147, 153, 159 एवं 174 के अंतर्गत मामले दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच एजेंसियों ने बताया कि घटना में शामिल लोगों की पहचान के लिए व्यापक स्तर पर समपार फाटक संख्या-192 तथा रेलवे क्षेत्र के समीप बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने के साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। एलसी-192 एवं आसपास के रेलवे क्षेत्र की ड्रोन से निगरानी की गई, जबकि सीसीटीवी कैमरों एवं बॉडी-वॉर्न कैमरों की रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित की गई है। उपलब्ध वीडियो, फोटोग्राफ एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों का सूक्ष्म परीक्षण किया जा रहा है तथा एक-एक व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित करने की प्रक्रिया जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि रेलवे संचालन में बाधा डालने, ट्रैक पर या उसके आसपास अनधिकृत रूप से एकत्र होने अथवा रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का कोई भी प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में शामिल प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के बहकावे में आकर रेलवे ट्रैक या रेलवे क्षेत्र में प्रवेश न करें। संबंधित रेलखंड पर ट्रेनें उच्च गति से संचालित होती हैं, ऐसे में ट्रैक पर या उसके निकट भीड़ एकत्र होना न केवल रेल संचालन को प्रभावित करता है, बल्कि प्रदर्शनकारियों एवं आम नागरिकों के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करता है। लोगों से कानून का पालन करने तथा रेलवे क्षेत्र से सुरक्षित दूरी बनाए रखने का आग्रह किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव