भावग्रस्त लोगों की सहायता करना ही मानव धर्म : दुर्गादास

 


जयपुर, 05 फ़रवरी (हि.स.)। घुमंतू जाति उत्थान न्यास के अखिल भारतीय कार्य अधिकारी दुर्गादास ने कहा कि अभावग्रस्त लोगों की सहायता करना ही सच्चा मानव धर्म और सेवा है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से आह्वान किया कि वे घुमंतू समुदाय के उत्थान के लिए आगे आएं और उन्हें शासन की योजनाओं का पूरा लाभ दिलाने में सहयोग करें।

दुर्गादास गुरुवार को जयपुर में घुमंतू जाति उत्थान न्यास के जयपुर प्रांत कार्यालय के लोकार्पण अवसर पर संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने मां गायत्री एवं भारत माता के पूजन के उपरांत नारियल फोड़कर एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यालय का विधिवत लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि समाज अन्य समुदायों के साथ-साथ घुमंतू समाज के बीच भी सेतु बनकर कार्य करे, ताकि उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

उन्होंने कहा कि घुमंतू समुदाय आज भी कई बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। ऐसे में हर व्यक्ति को आगे आकर उनके उत्थान, शिक्षा, रोजगार और शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने में योगदान देना चाहिए।

जयपुर प्रांत संयोजक महेन्द्र सिंह राजावत ने स्वागत उद्बोधन में जयपुर प्रांत में न्यास द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कार्यालय के लिए भवन परिसर उपलब्ध करवाने पर आशीष शर्मा का आभार जताया। इस अवसर पर घुमंतू समाज के लिए उल्लेखनीय कार्य करने पर आशीष शर्मा, राजाराम गुर्जर एवं बिजेन्द्र कुमार शर्मा को गायत्री मंत्र का दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में महेश नोगिया ने धन्यवाद ज्ञापित किया। अंत में शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित