खबर के स्रोत की रक्षा करना रिपोर्टर का प्रमुख दायित्व: डॉ. ऋतुराज

 


जयपुर, 16 अक्टूबर (हि.स.)। हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में शुक्रवार को ‘डिजिटल युग में मीडिया नैतिकता’ विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में फर्स्ट इंडिया न्यूज से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार डॉ. ऋतुराज शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डिजिटल दौर में पत्रकारिता की जिम्मेदारियों, समाचारों की विश्वसनीयता और नैतिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला।

व्याख्यान के दौरान वक्ता ने तथ्य-जांच, समाचार स्रोतों की गोपनीयता और पत्रकारिता में नैतिक मानदंडों की प्रासंगिकता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि रिपोर्टर के दायित्वों में सबसे महत्वपूर्ण है खबर के स्रोत की रक्षा करना। कई बार स्रोत से प्राप्त जानकारी के अनुरूप खबर प्रकाशित नहीं हो पाती। ऐसी परिस्थितियों में रिपोर्टर को विवेकपूर्ण तरीके से स्रोत को स्थिति समझानी चाहिए, ताकि आपसी विश्वास बना रहे।

उन्होंने कहा कि प्रभावी रिपोर्टिंग के लिए संबंधित मुद्दे की गहरी समझ और तथ्यों की सटीक जानकारी होना आवश्यक है। अधूरे ज्ञान के साथ रिपोर्टिंग करने से पत्रकार की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। खबर की पृष्ठभूमि, प्रासंगिक आंकड़े और तथ्य न केवल समाचार को मजबूती प्रदान करते हैं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और प्रभाव को भी बढ़ाते हैं।

डॉ. ऋतुराज ने कहा कि रिपोर्टर के व्यवहार में विनम्रता और शिष्टता होनी चाहिए। रिपोर्टर की लोकप्रियता और विश्वसनीयता उसकी खबरों की गुणवत्ता, तथ्यों की सटीकता और उसके आचरण पर निर्भर करती है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने पत्रकारिता अनुभवों को विद्यार्थियों के साथ साझा किया और उनके सवालों के जवाब देकर छात्रों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश