गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा देना आयुर्वेद विवि की प्राथमिकता: कुलगुरु
जोधपुर, 19 अगस्त (हि.स.)। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय में संस्थागत अनुसंधान समिति (आईआरसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक के शुभारंभ के अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर वैद्य गोविन्द सहाय शुक्ल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
बैठक में एमडी/एमएस आयुर्वेद एवं पीएचडी शोधार्थियों के शोध प्रस्तावों के सिनॉप्सिस प्रस्तुतिकरण एवं शोध कार्यों की समीक्षा को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की गई। कुलगुरु प्रोफेसर वैद्य शुक्ल ने कहा कि विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण एवं टेक्नोलॉजी आधारित उपयोगी अनुसंधान को बढ़ावा देना हमारी प्राथमिकता है। शोध कार्य केवल अकादमिक उपलब्धि तक सीमित न रहकर समाज एवं चिकित्सा क्षेत्र के लिए उपयोगी परिणाम देने वाला होना चाहिए। शोधार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ अपने शोध विषय का चयन करते हुए अनुसंधान की गुणवत्ता एवं प्रासंगिकता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बैठक में आईआरसी अध्यक्ष प्रो. चंदन सिंह, अखिल भारतीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली के शोध सलाहकार बाह्य विषय विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार तथा आईआरसी सदस्य सचिव डॉ. देवेंद्र सिंह चाहर उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के सभी विभागाध्यक्ष आईआरसी के सदस्य के रूप में बैठक में शामिल हुए।
प्रोफेसर देवेन्द्र चाहर ने बताया कि 21 अगस्त तक एमडी आयुर्वेद एवं पीएचडी शोधार्थियों द्वारा कुल 98 सिनॉप्सिस प्रस्तुत किए जाएंगे। शोधार्थी समिति के समक्ष अपने शोध विषय, उद्देश्य, कार्यविधि एवं अपेक्षित परिणामों का प्रस्तुतिकरण करेंगे। समिति द्वारा शोध प्रस्तावों की अकादमिक एवं वैज्ञानिक गुणवत्ता का मूल्यांकन करते हुए आवश्यक सुझाव एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश