आयुर्वेद विवि में बीएनवाईएस प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम संशोधन की प्रक्रिया शुरू

 


जोधपुर, 04 नवम्बर (हि.स.)। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय में बीएनवाईएस (बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज) प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप संशोधित करने के लिए गठित विषयवार समितियों की बैठक कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में समिति के सदस्यों ने ऑफलाइन एवं ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया।

बैठक में कुलगुरु ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रमुख उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संशोधित पाठ्यक्रम भारतीय ज्ञान परंपरा, कौशल विकास, उद्यमिता, अनुसंधान एवं नवाचार, स्टार्टअप, प्रौद्योगिकी तथा मूल्यपरक शिक्षा पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने पाठ्यक्रम को व्यावहारिक, रोजगारोन्मुखी एवं वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने पर विशेष जोर दिया।

इस अवसर पर समिति के सदस्यों ने अपने सुझाव एवं अकादमिक विचार प्रस्तुत किए तथा संशोधित पाठ्यक्रम का प्रारंभिक प्रारूप कुलगुरु के समक्ष प्रस्तुत किया। कुलगुरु प्रोफेसर शुक्ल ने निर्देश दिए कि प्राप्त सुझावों को सम्मिलित करते हुए एनईपी-2020 के दिशा-निर्देशों के अनुसार अंतिम प्रारूप शीघ्र तैयार किया जाए, ताकि इसे आगामी अकादमिक काउंसिल की बैठक में विचारार्थ प्रस्तुत किया जा सके। बैठक में समिति के संयोजक एवं चारों विषयवार समितियों के अध्यक्ष प्रो. डॉ. गोविंद प्रसाद गुप्ता, प्रो. महेंद्र कुमार शर्मा, प्रो. दिनेश चंद्र शर्मा, डॉ. चंद्रभान शर्मा तथा ऑनलाइन माध्यम से प्रो. सरोज कौशल उपस्थित रहे। समिति के सदस्य सचिव डॉ. राकेश गुप्ता के साथ डॉ. संजीव कुमार एवं डॉ. दीक्षा जैन उपस्थित रहे।

डॉ. सतीश ठाकुर ने ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की। वहीं डॉ. ओमप्रकाश, डॉ. निकिता सीरवी एवं डॉ. दीपमाला ने भी ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया। विश्वविद्यालय की एनईपी समन्वयक प्रो. मनीषा गोयल भी बैठक में उपस्थित रहीं।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश