निजी बस ऑपरेटर्स हड़ताल : भारी चालान के विरोध में सडक़ों पर उतरे संचालक, निजी बस ऑपरेटरों ने निकाली रैली
जोधपुर, 26 फरवरी (हि.स.)। परिवहन विभाग (आरटीओ) की हालिया सख्ती और भारी-भरकम चालान की कार्रवाई ने एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। विभाग की इस कार्यशैली के खिलाफ निजी बस ऑपरेटरों का आक्रोश अब सडक़ों पर उतर आया है। जोधपुर सहित पूरे प्रदेश में निजी बसों का चक्का जाम जारी है, जिससे आम जनता और लंबी दूरी के यात्रियों को भीषण संकट का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार को निजी बस ऑपरेटरों ने अपनी मांगों को लेकर रैली निकाली। वहीं उनका धरना भी जारी रहा।
ऑल इंडिया टूरिस्ट बस ऑनर्स एसोसिएशन के सह सचिव राजेंद्र परिहार के अनुसार सरकार के साथ जयपुर में दो दौर की वार्ता विफल रहने के बाद बस ऑपरेटरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। इस हड़ताल के कारण केवल जोधपुर से ही रोजाना संचालित होने वाली करीब 200 बसें खड़ी हो गई हैं, जिसका सीधा असर अंतरराज्यीय परिवहन पर पड़ा है। इस हड़ताल का दायरा केवल राजस्थान तक सीमित नहीं है। जोधपुर से गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, मध्यप्रदेश, बिहार, नई दिल्ली और कर्नाटक (बैंगलुरू) जैसे दूरदराज के राज्यों के लिए चलने वाली सेवाएं पूरी तरह ठप हैं।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों का आरोप है कि विभाग बिना किसी स्पष्ट कारण के एक से डेढ़ लाख रुपये तक के जुर्माने लगा रहा है, जिससे व्यवसाय करना असंभव हो गया है। एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष विष्णु शर्मा ने तर्क दिया कि निजी बसें सरकारी बसों की तुलना में बेहतर सुविधाएं, आरामदायक सीटिंग और समय की पाबंदी सुनिश्चित करती हैं, इसके बावजूद उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। ऑपरेटरों का कहना है कि पांच साल पहले जिन बसों को विभाग ने फिटनेस और आरसी जारी की थी, आज उन्हें ही मानकों के विपरीत बताया जा रहा है। विभाग के कहने पर कैरियर हटाए गए और सेफ्टी हैमर जैसे इंतजाम किए गए, फिर भी नोटिस और चालान का सिलसिला नहीं रुक रहा है। अपनी मांगों को और अधिक प्रभावी ढंग से रखने के लिए आज जोधपुर के सभी बस ऑपरेटर एकजुट हुए और धरना स्थल कल्पतरू शॉपिंग सेंटर से कलेक्ट्रेट तक वाहन रैली निकाली। इसके बाद प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश