भारतीय नववर्ष के स्वागत की तैयारी: गोविंद देवजी मंदिर से आठों दिशाओं के लिए आठ सजे धजे अश्व किए रवाना

 


जयपुर, 16 मार्च (हि.स.)। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ होने वाले भारतीय नववर्ष नवसंवत्सर- 2083 के स्वागत में जयपुर तैयार है। आराध्य देव गोविंद देवजी मंदिर से महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में आठों दिशाओं के लिए आठ सजे धजे अश्व रवाना किए गए। संस्कृति युवा संस्था के अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा ने संतों-महंतों एवं गणमान्य लोगों के साथ चार श्वेत अश्वों को जयपुर शहर की चारों दिशाओं—पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण—की ओर रवाना किया। इससे पूर्व चारों अश्वों का पूजन किया गया।

इस मौके पर भाजपा नेता रवि नैय्यर, निवर्तमान उप महापौर पुनीत कर्णावट, घाट के बालाजी मंदिर के महंत सुदर्शनाचार्य, रामगंज बाजार के कांवटियो का खुर्रा स्थित प्राचीन रामचंद्र जी मंदिर के महंत पं. लोकेश मिश्रा, वरिष्ठ अधिवक्ता एच सी गणेशिया, पं. दिनेश शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे। ये अश्व शहर के प्रमुख मंदिरों में पहुंचकर भारतीय नवसंवत्सर के प्रचार-प्रसार का संदेश देंगे। ये अश्व ईशान दिशा में खोले के हनुमान मंदिर, पूर्व में गलताजी, आग्नेय में गोनेर मंदिर, दक्षिण में सांगा बाबा, नैऋत्य में स्वामीनारायण मंदिर, पश्चिम में हाथोज हनुमानजी, वायव्य में कदम्ब डूंगरी तथा उत्तर में आमेर काले हनुमान मंदिर तक जाएंगे और नवसंवत्सर का संदेश देंगे। अश्वों के साथ समिति के कार्यकर्ता पम्पलेट वितरित करते हुए युवाओं से भारतीय नववर्ष को धूमधाम से मनाने का आह्वान कर रहे हैं। वहीं 19 मार्च को जयपुर के प्रमुख मंदिरों में घंटे-घडिय़ाल बजाकर नवभोर का स्वागत किया जाएगा। शाम को गोविंददेवजी मंदिर में महाआरती का आयोजन होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश